रामगढ़: जिले के घाटो ओपी प्रभारी बलवंत दूबे के विरोध में माले ने रामगढ़ अनुमंडल कार्यालय के समक्ष सोमवार को विरोध प्रदर्शन किया। इससे पूर्व पारंपरिक हरवे हथियार के साथ माले और आदिवासी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने सुभाष चौक से रामगढ़ अनुमंडल कार्यालय तक पैदल मार्च निकाला। पैदल मार्च अनुमंडल कार्यालय के समक्ष पहुंचकर आम सभा में तब्दील हो गई। जहां पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। माले नेताओं ने पुलिस पर माफियाओं के सांठगांठ से क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध कोयला, बालू और पत्थर का कारोबार चलाने और आम स्थानीय लोगों को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया।
माले के रामगढ़ जिला सचिव भुवनेश्वर बेदिया ने कहा कि एक घटना के संबंध में घाटो ओपी में कानूनी कार्रवाई के लिए आवेदन दिया गया था। मामले में माले कार्यकर्ता जयवीर हंसदा को ओपी बुलाकर न सिर्फ डराने-धमकाने की कोशिश की गई, बल्कि ओपी प्रभारी बलवंत दूबे ने मारपीट भी की। जयवीर का रामगढ़ सदर अस्पताल में इलाज कराया गया। पुलिसिया बर्बरता के खिलाफ मांग करते हुए माले ने ओपी प्रभारी को अविलंब नौकरी से बर्खास्त करने की मांग है। लेकिन जिला पुलिस प्रशासन कोई कदम नहीं उठा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारी मांगे नहीं मानी गई तो संगठन बड़े आंदोलन को बाध्य होगा।
मौके पर माले नेता हीरा गोप, देवकीनंदन बेदिया, नरेश बड़ाइक, देवानंद गोप, लाली बेदिया, संदीप जायसवाल, अमल कुमार, नीता बेदिया, महादेव मांझी, करमा मांझी, बिगेंद्र ठाकुर, जयनंदन गोप, पवन कुमार यादव, सरयु बेदिया, प्रकाश मरांडी, सरयु मुंडा सहित कई शामिल थे।