कोडरमा: समर्पण एवं आरएमआइ की ओर से बोंगादाग में आयोजित दो दिवसीय पियर एजुकेटर का जीवन कौशल प्रशिक्षण शिविर का समापन हुआ। इस शिविर में बेंदी पंचायत के बोंगादाग, विरागड़ा एवं सिंदरी के कुल 25 किशोर-किशोरियों ने भाग लिया।
प्रशिक्षक संतोष कुमार वर्णवाल ने किशोर-किशोरियों के शारीरिक, मानसिक एवं बौद्धिक विकास के लिए बुनियादी अवधारणाओं की जानकारी दी। उन्होंने विभिन्न खेलों, गीतों और नाटकों के माध्यम जीवन में शिक्षा के महत्व, नेतृत्व, बोलने की कला, भावनाओं को अभिव्यक्त करने, भावना प्रबंधन, तनाव प्रबंधन, पारस्परिक संबंध, समस्या समाधान, निर्णय लेने आदि बिन्दुओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आज हम सभी कठिन परिस्थियों का सामना कर रहे हैं। ऐसे में रचनात्मक सोच और कार्य जरूरी है। आधुनिकता के नाम पर हम अपनी नैतिकता और चरित्र को महत्त्व देना कम कर रहे हैं। जो आज की समय की बड़ी मांग है। इसे अपनाये बगैर हम जीवन की कठिनाइयों को दूर नहीं कर सकते हैं।
परियोजना समन्वयक आलोक कुमार सिन्हा ने कई किस्से और उदाहरणों के माध्यम से जीवन की सच्चाईयों से प्रतिभागियों को रूबरू कराया। उन्होंने कहा कि नेतृत्व विकास जीवन का अहम् हिस्सा है।
धन्यवाद ज्ञापन समर्पण के निलेश यादव ने किया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से राजेश कुमार, क्षेत्रीय कार्यकर्ता महेंद्र कुमार, बबीता देवी, राजेश कुमार आदि की अहम भूमिका रही।
