नयानगर, घुटुवा में झारखंडी भाषा खतियान संघर्ष समिति जिला सम्मेलन सह कार्यकर्ता मिलन समारोह का हुआ आयोजन
रामगढ़: झारखंड अलग राज्य एक परिवार के लिए नहीं, बल्कि यहां की साढ़े तीन करोड़ आबादी के लिए बना है। 24 साल के बाद भी झारखंड अलग राज्य बनाने के पीछे का उद्देश्य अबतक पूरा नहीं हो सका है। राज्य में एक परिवार की सरकार है और इस सरकार के पास कोई नीति ही नहीं है। यह बातें झारखंडी भाषा खतियान संघर्ष समिति के सुप्रीमो टाईगर जयराम महतो ने शुक्रवार को रामगढ़ जिला सम्मेलन सह कार्यकर्ता मिलन समारोह में कही।
नयानगर, घुटुवा स्थित कम्युनिटी हॉल में आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता संजीव साहू और संचालन देवानंद महतो ने किया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि टाइगर जयराम महतो और विशिष्ठ अतिथि प्रधान महासचिव फैजान खान उपस्थित रहे। इससे पूर्व टाइगर जयराम महतो के आगमन पर कार्यकर्ताओं ने गर्मजोशी से गाजे-बाजे के साथ स्वागत किया। वहीं मंच पर 51 किलो की माला पहनाकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में विभिन्न दलों को छोड़ बड़ी संख्या में लोगों ने झारखंडी भाषा खतियान संघर्ष समिति की सदस्यता ग्रहण की। जयराम महतो ने फूल माला पहनाकर नये सदस्यों का स्वागत करते हुए संगठन को मजबूत करने का आव्हान किया।
अपने संबोधन में जयराम महतो ने कहा कि झारखंड में आज तक स्थानीय नीति, उधोग नीति, नियोजन नीति, विस्थापन नीति नहीं बन सकी है। ये दौर आपस में द्वेश रखने और प्रतिस्पर्धा करने का नहीं है। यह दौर झारखंड के नवनिर्माण का है। यह राज्य के वंचितों को हक और अधिकार दिलाने का दौर है।
कहा कि हमलोग सांसद-विधायक बनने नहीं आए हैं, सिर्फ सांसद बनना होता तो हम और हमारे साथी लोकसभा में शपथ ले रहे होते। लोकसभा चुनाव में दोनों राजनैतिक दलों ने हमलोगों से संपर्क किया था। तीन-चार सीटों में से दो सीटों पर चुनाव लड़ने का ऑफर दिया था। हमलोग सांसद-विधायक बनने नहीं बल्कि व्यवस्था को बदलने आए हैं।
मौके पर रवि महतो, राजेंद्र बेदिया, पनेशवर महतो, संतोष टिडुवार, लीलावती महतो, रूपा महतो, शैल देवी, पवन महतो, रमेश कुमार महतो, बिहारी महतो, डॉ. राजेश महतो सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।