कोडरमा: समर्पण एवं अजीम प्रेमजी फाउंडेशन की ओर से स्थानीय स्वशासन: आवश्यकता एवं महत्व विषय पर एकदिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन होटल सेलिब्रेशन दूधीमाटी कोडरमा मे किया गया। इस शिविर में प्रशिक्षक के रूप में रांची से आये जेम्स हिरेन सहित मिथलेश कुमार, मृत्युंजय कुमार और समर्पण के सचिव इन्द्रमणि साहू उपस्थित थे।
प्रशिक्षक जेम्स हिरेन ने संवैधानिक हक-अधिकार की पहुंच बनाने, संगठन निर्माण के महत्व, सरकारी योजनाओं एवं इसकी पात्रता आदि विषयों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने अपने प्रेजेंटेशन में नेशनल फॅमिली हेल्थ सर्वे का हवाला देते हुए कहा कि झारखण्ड में 6 से 59 माह की उम्र के 67.5 बच्चे कुपोषित हैं। वहीं 5 वर्ष के कम उम्र के बच्चों की मातृत्व मृत्यु दर 45.45 है. इसी प्रकार 15 से 49 आयु वर्ग के 65.03 प्रतिशत महिलाएं एनीमिया की शिकार हैं। ऐसे कई चकौने वाले आंकड़ें को बताते हुए इस परिस्थितियों को बदलने और हितधारकों को जिम्मेदार बनाने के दिशा में बहुत काम करने की जरुरत है।
पलामू से आये प्रशिक्षक मिथलेश कुमार ने संविधान के 73वां संशोधन, मनरेगा अधिनियम, शिक्षा कानून, एवं खाद सुरक्षा अधिनियम से निकली योजनाओं जैसे पीडीएस, आईसीडीएस, मिड डे मिल, पीएम मातृ वंदना योजना, काम के अधिकार जैसी योजनाओं को आम नागरिकों तक पहुँच बनाने पर जोर दिया.
वहीँ, मृत्युंजय कुमार ने गांधी और अम्बेडकर के विचारों को रखते हुए कहा कि जिस दिन ग्राम सभा को अपनी ताकत का अंदाजा हो जायेगा उस दिन वह मालिक हो जायेगा और तथाकथित मालिक सेवक की भूमिका में होंगे।
संस्था सचिव इंद्रमणि साहू ने व्यक्तित्व क्षमता को निखारने एवं हाशिये पर रह रहे लोगों के दुःख दर्द को महसूस कर उनके लिए कार्य करने पर बल दिया।
परियोजना उत्प्रेरक नवीन कुमार ने व्यक्तिगत विकास और नेतृत्व क्षमता के गुणों और महत्व की जानकारी एवं सचिन कुमार ने मानवीय मूल्य और सिद्धांतों पर प्रकाश डाला। शिविर का संचालन समर्पण के प्रोग्राम मैनेजर आलोक कुमार सिन्हा और धन्यवाद ज्ञापन पूनम साहू ने किया।
कार्यक्रम में प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर शंकरलाल राणा, पंचायत उत्प्रेरक सुनीता कुमारी, पिंकी देवी, वीणा राज, जितेंद्र सिंह, राजेश कुमार, निलेश यादव, उमेश कुमार, मंगलदेव रजक, मनीष लहरी, नेहा कुमारी, मानती कुमारी, मैरियन सोरेन, रजनी कुमारी, संगीता मेहता, गुड्डी कुमारी, बेबी देवी, रोशनी कुमारी, आशा देवी आदि शामिल थे।