रांंची: ध्वनि फाउंडेशन द्वारा झारखण्ड के 32 एनजीओ प्रमुखों का “निरंतरा क्लासिक संस्थागत विकास प्रोग्राम” के अंतर्गत “वित्त एवं एकाउंटिंग प्रबंधन” पर दो दिवसीय प्रशिक्षण बुधवार को संपन्न हुआ। दूसरे दिन 15 विभिन्न जिलों से आये 32 गैर सरकारी संगठनों के संस्था प्रमुख (Secretaries) का दो दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण रांची के स्टेट इंस्टिट्यूट ऑफ़ रूरल डेवलपमेंट (SIRD) रांची में संपन्न हुआ।
दो दिवसीय क्षमता निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम में वित्त एवं एकाउंटिंग प्रबंधन के मापदंडों पर विस्तार पूर्वक चर्चा की गई, जिसमे मुख्यतः NGO में वित्तीय प्रबंधन के महत्व और सिद्धांत, वित्तीय प्रक्रिया और चुनौतिया, वितीय प्रबंधन में आंतरिक नियंत्रण और इसकी आवश्यकता, बैंक से संबंधित प्रणाली और प्रक्रिया, वार्षिक कार्ययोजना एवं बजट से संबंधित प्रणाली और प्रक्रिया, डोनर मैनेजमेंट से संबंधित प्रणाली और प्रक्रिया; संस्थागत विकास में सम्बंधित NGO के वित्त और लेखा समन्वयकों की भूमिकाएं और जिम्मेदारियां; बुक कीपिंग विषय रहे |
ध्वनि फाउंडेशन, रांची की टीम से डॉ. अनंगदेव सिंह, सुश्री रेशमा सिंह; सुश्री ज्योति वर्मा, श्री साकेत मिश्रा और श्री कुणाल सनी द्वारा अलग-अलग टॉपिक पर प्रशिक्षण प्रदान किया गया |
तकनीकी विशेषज्ञ के तौर पर राजीव तक, चार्टर्ड अकाउंटेंट तथा संतन शरण, वित एवं एकाउंटिंग ऑफिसर, द्वारा तकनिकी विषयों पर समुचित जानकारी प्रदान की गई तथा NGO प्रमुखों द्वारा उनके संस्था के फाइनेंसियल मैनेजमेंट, एकाउंटिंग, ऑडिट, लीगल अनुपालन में आ रही समस्याओं से सम्बंधित मुद्दों का निराकरण किया गया।
प्रशिक्षण के दौरान इस बात पर बल दिया गया की, सभी संस्था प्रमुख अपने-अपने संस्था में वित्त एवं एकाउंटिंग प्रबंधन को सुदृढ़ करने हेतु सभी निर्धारित निरंथारा मापदंडों का अपनाते हुए उन्हें लागु करेंगे ताकि जिस उदेश्य से संस्थागत विकास से सम्बंधित यह कार्यक्रम ध्वनि फाउंडेशन द्वारा संचालित किया जा रहा है, उसे सुनिश्चित किया जा सके।