रामगढ़: पतरातू प्रखंड मुख्यालय सभागार में गुरुवार को छाई डैम के लिए जमीन अधिग्रहण के मुद्दे पर त्रिपक्षीय वार्ता हुई। जिसमें रामगढ़ अपर समाहर्ता गीतांजलि कुमारी, रामगढ़ अनुमंडल पदाधिकारी अनुराग कुमार तिवारी सहित पीवीयूएनएल के अधिकारी और प्रभावित गांव बलकुदरा, जयनगर, रसदा और गेगदा के ग्रामीण शामिल रहे।
वार्ता के दौरान ग्रामीणों ने जमीन संबंधित अपने-अपने कागजात प्रस्तुत करते हुए अधिग्रहित की जा रही जमीन पर अपने दावे पेश किए। जिसपर प्रशासनिक अधिकारियों ने सभी दावों की जांच कराने की बात कही। साथ ही दावे सत्य होने पर विधिसम्मत प्रावधानों के अनुपालन का भरोसा भी दिलाया। कहा गया कि पीवीयूएनएल में कार्य का विस्तार होना है। ग्रामीणों के साथ आगे भी बैठकें आयोजित कर जमीन संबंधी मामलों का निष्पादन किया जाएगा।
बताया जाता है कि छाई डैम के लिए बलकुदरा, जयनगर, रसदा और गेगदा की कुल 340 एकड़ भूमि अधिग्रहण के मामले में पेंच फंसा हुआ है। वर्ष 2015-16 में सरकार ने चारों गांव की कई एकड़ जमीन गैर मजरूआ खास मानते हुए सीधे पीवीयूएनएल को हस्तांतरित कर दिया है। जबकि उक्त भूमि पर कई रैयत कागजातों के साथ अपना दावा कर रहे हैं।
बैठक में पतरातु प्रखंड विकास पदाधिकारी मनोज कुमार, अंचल अधिकारी मनोज कुमार चौरसिया, सीआई कल्याण कुमार नायक, अंचल कर्मी सुदेश करमाली, राजस्व उप निरीक्षक आनंद कुमार, पीवीयुएनएल के एचआर हेड जिआउल रहमान, जीएम राजेश डुंगडुग, जिप सदस्य राजाराम प्रजापति, झामुमो केंद्रीय सचिव संजीव बेदिया, विस्थापित प्रभावित संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष आदित्य नारायण प्रसाद, ननकू मुंडा, नागेश्वर मुंडा, अरुण कुमार साहू, मैनेजर साहू, विजेंद्र मुंडा,लालू यादव, वीरमोहन मुंडा, विजय सोनी, अमर वर्मा सहित अन्य उपस्थित थे।