आरा स्टेशन पर चल रहे स्टेशन पुनर्विकास कार्य की प्रगति की समीक्षा

हाजीपुर: पूर्व मध्य रेल के महाप्रबंधक छत्रसाल सिंह ने सोमवार को पटना-आरा रेलखंड का विंडो ट्रेलिंग निरीक्षण किया। इस दौरान महाप्रबंधक ने इस रेलखंड के रेलवे ट्रैक और रेल पुलों का मुआयना किया। उन्होंने रेल ट्रैक के बेहतर रख-रखाव पर संतोष व्यक्त करते हुए संरक्षित रेल परिचालन के लिए हर संभव कदम उठाने का निर्देश दिया। निरीक्षण की शुरुआत में महाप्रबंधक महोदय द्वारा दानापुर के प्लेटफार्म संख्या 01 पर सोलर सिस्टम से चलाए जाने के लिए तैयार किए गए कैंपेन कोच का निरीक्षण किया गया । कैंपेन कोच के उपर रूफ टॉप फ्लेक्सिबल सोलर प्लेट लगाया गया है जिससे प्रतिदिन लगभग 40 से 45 यूनिट बिजली मिल सकेगी । इससे कैंपेन कोच के उपकरणों को चलाने हेतु अब बाहर से बिजली सप्लाई के अलावा एक विकल्प उपलब्ध रहेगा और कैंपेन कोच में बिजली की सुरक्षित सप्लाई सुनिश्चित की जा सकेगी । कैंपेन कोच में सोलर सिस्टम लगाए जाने से सलाना लगभग डेढ लाख रूपये की बिजली की बचत होगी ।

निरीक्षण के क्रम में महाप्रबंधक ने आरा जंक्शन पर चल रहे स्टेशन पुनर्विकास से संबंधित कार्यों की अधिकारियों के साथ समीक्षा की तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। महाप्रबंधक महोदय ने निर्माण कार्य उच्च गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा पर पूरा करने का निर्देश दिया। पुनर्विकसित स्टेशन भवन आकर्षक डिजाइन के साथ उन्नत एवं आधुनिक यात्री सुविधाओं से युक्त होगा आरा स्टेशन के विकास कार्य को पूरा करने हेतु अतिरिक्त धनराशि भी उपलब्ध कराया गया है।

आरा जंक्शन पर महाप्रबंधक ने आरा कोचिंग डिपो में मेंटेनेंस क्षमता बढ़ाने हेतु लगाए गए इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) बेस्ड डिवाइस के सर्वर रूम एवं कोचिंग डिपो का निरीक्षण किया गया । निरीक्षण के दौरान डेमो द्वारा महाप्रबंधक महोदय को IOT बेस्ड डिवाइस के कार्य प्रणाली से अवगत कराया गया। बताया जाता है कि सुरक्षित, भरोसेमंद और कुशल रेलवे सेवाओं की बढ़ती मांग के साथ, रेलवे कोच में इंटरनेट ऑफ़ थिंग्स (IoT) पर आधारित डिवाइस का इंटीग्रेशन ज़रूरी हो गया है। आरा कोचिंग डिपो में, मेंटेनेंस की क्षमता बढ़ाने, गलती का पता लगाने की सटीकता में सुधार करने हेतु कोच में IoT सिस्टम लगाए गए हैं। कोच में IoT बेस्ड डिवाइस लगाने के मुख्य मकसद कोच की दिक्कतों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग करना, प्रेडिक्टिव और प्रिवेंटिव मेंटेनेंस में मदद करना, मैनुअल इंस्पेक्शन की गलतियों को कम करना, पैसेंजर की सेफ्टी और आराम बढ़ाना तथा मेंटेनेंस स्टाफ को सही डेटा और अलर्ट देने में मदद करना है । इससे मेंटेनेंस स्टाफ के लिए मैनुअल इंस्पेक्शन का समय कम होता है, फॉल्ट पहचानने में एक्यूरेसी बेहतर होती है, रूटीन चेक के बजाय कंडीशन-बेस्ड मेंटेनेंस मुमकिन होता है, डेटा आधारित फैसले लेने में मदद मिलती है तथा वर्कफोर्स की एफिशिएंसी और प्लानिंग बेहतर होती है।

निरीक्षण के अंत में दानापुर मंडल कार्यालय में पटना जंक्शन और दानापुर के भविष्य की जरूरतों के मद्देनजर तैयार की गयी मास्टर प्लान पर चर्चा हेतु महाप्रबंधक के अध्यक्षता में बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें मास्टर प्लान को पीपीटी के माध्यम से प्रस्तुत किया गया और उससे जुड़े विभिन्न बिन्दुओं पर चर्चा की गयी। निरीक्षण के दौरान दानापुर मंडल के मंडल रेल प्रबंधक विनोद कुमार तथा मुख्यालय और मंडल के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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