रामगढ़: बरकाकाना क्षेत्र के बंजारीनगर स्थित यादव धर्मशाला में शनिवार को झारखंड संस्कृति मंच की बैठक हुई। जिसमें झारखंड की वर्तमान सामाजिक–सांस्कृतिक परिस्थितियों पर व्यापक विचार–विमर्श किया गया। इस दौरान सर्वसम्मति से झारखंड जन संस्कृति मंच का राज्य स्तरीय सम्मेलन आयोजित करने का निर्णय लिया गया। साथ ही सम्मेलन की तैयारी को लेकर आयोजन समिति का गठन, सांस्कृतिक टीमों का प्रदर्शन, प्रचार-प्रसार, प्रतिनिधि चयन और सांस्कृतिक दलों के समन्वय पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में विशेष रूप से मंच के राष्ट्रीय महासचिव मनोज कुमार सिंह उपस्थित रहे। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि वर्तमान दौर में कॉरपोरेट और सांप्रदायिक ताकतों के बढ़ते प्रभाव के कारण  संस्कृति गहरे संकट में है। ऐसे समय में जनपक्षधर संस्कृति को संगठित करना और उसे जन संघर्षों से जोड़ना बेहद आवश्यक हो गया है।

बैठक के उपरांत बताया गया कि झारखंड राज्य स्तरीय सम्मेलन कुजू स्थित अक्षत बैंक्वेट हॉल में आगामी 4 और 5 अप्रैल 2026 को दो दिवसीय रूप में आयोजित किया जाएगा। प्रस्तावित सम्मेलन में झारखंड के विभिन्न जिलों से साहित्यकार, लेखक, कवि, लोकगायक, संस्कृति कर्मी सहित कई  प्रतिनिधि भाग लेंगे। 

बैठक में रांची, धनबाद, गिरिडीह, हजारीबाग एवं रामगढ़ जिलों से मंच के प्रतिनिधि शामिल हुए। जिसमें राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य सुरेन्द्र कुमार बेदिया, प्रो. बलभद्र, राष्ट्रीय पार्षद भरत बेदिया, जयवीर हंसदा, महेश गोप, मोतीलाल बेदिया, अफसर अंसारी, दिनेश करमाली, अरविंद कुमार पटेल, रमेश कुमार शर्मा, शिवनारायण बेदिया, निशाद खान, महेश सिंह, शंकर पाण्डेय, डीपी सोनी (बंटू) सहित माले जिला सचिव हीरा गोप, पवन गोप, अरविंद कुमार पटेल सहित अन्य उपस्थित रहे।

 

By Admin

error: Content is protected !!