लोकसभा में सांसद संजय सेठ के सवाल पर नितिन गडकरी का जवाब
बीते तीन वर्ष में झारखंड के लिए स्वीकृत हुई 14 हजार करोड़ से अधिक की परियोजनाएं
रांची। बीते तीन वर्षों में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के द्वारा झारखंड में 14 हजार करोड़ की योजनाओं को स्वीकृति दी गई है। इन परियोजनाओं पर तेजी से काम भी हो रहा है। जिनमें पांच योजनाएं अब तक पूर्ण भी हो चुकी हैं। चार योजनाओं पर 50% से अधिक काम हो चुका है। अन्य योजनाओं पर काम चल रहा है।
उक्त जानकारी केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने लोकसभा में दी। लोकसभा में सांसद संजय सेठ ने सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय से संबंधित सवाल किया था और रांची सहित पूरे झारखंड में मंत्रालय द्वारा क्रियान्वित योजनाओं की जानकारी मांगी थी।
सांसद ने यह भी जानना चाहा था कि योजनाओं की लागत क्या है और उसकी वर्तमान स्थिति क्या है?
जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्गों का विकास एक सतत प्रक्रिया है। राजमार्गों के खंडों का विकास, यातायात मांग, यातायात सुरक्षा, पारस्परिक प्राथमिकता और निधियों की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए कार्य किए जाते हैं। इसमें राज्य सरकार का परामर्श भी लिया जाता है।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि विगत 3 वर्षों में झारखंड में 40 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है, जिसमें 27 सड़क निर्माण, 9 रेलवे ओवरब्रिज निर्माण और 4 पुलों का निर्माण शामिल है। 14 हजार करोड़ से अधिक की लागत वाली योजनाओं में 5 योजनाएं पूर्ण हो चुकी है और 4 योजनाओं पर 50% से अधिक काम भी हो चुका है।
उन्होंने बताया कि इनमें सबसे बड़ी योजना साहिबगंज में है, जिस पर 40% का काम पूर्ण हो चुका है। यह योजना 1977 करोड़ की लागत से स्टैंड एलोन पुल परियोजना के नाम से चल रही है।
वहीं रांची के रातू रोड में बनने वाले एलिवेटेड कॉरिडोर से जुड़े सवाल पर केंद्रीय मंत्री ने संसद को बताया कि 3.5 किलोमीटर की इस परियोजना को जनवरी 2025 तक पूर्ण करने का लक्ष्य लिया गया है। वर्तमान समय में यह कार्य प्रगति पर है।
केंद्रीय मंत्री जानकारी दी कि जितनी योजनाओं की स्वीकृति झारखंड में प्रदान की गई है, उसमें कई योजनाओं की निविदाएं प्रक्रियाधीन है। जबकि कई योजनाएं तकनीकी मूल्यांकन के अधीन है।

