कोडरमा: समर्पण एवं आरएमआई के द्वारा सामुदायिक सशक्तिकरण परियोजना के तहत चाराडीह स्थित आरसेटी में आयोजित 13 दिवसीय बांस के विभिन्न उत्पादों पर कौशल प्रशिक्षण शिविर का समापन हुआ। प्रशिक्षण में आरसेटी के प्रशिक्षक के द्वारा बांस के विभिन्न सामग्रियों के निर्माण का कला कौशल सिखाया गया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों ने बांस के विभिन्न आकर्षक सामग्री निर्माण किया। जिसमें बाम्बू के फ्लावर पॉट, लेटर बॉक्स, चटाई, फाइल ट्रे, पेन स्टैंड, वॉल डेकोरेशन गुलदस्ता, फूल डलिया, कप, सूप, मोनी, टोकरी, प्लेट, चम्मच, आदि शामिल हैं।
प्रशिक्षण के समापन समारोह को संबोधित करते हुए संस्था सचिव इंद्रमणि साहू ने कहा कि महिलाओं को स्वरोजगार के विभिन्न क्षेत्रों में आत्मनिर्भर बनाना हमारा उद्देश्य है। इसके लिए कौशल विकास किया जा रहा है। बांस उत्पाद के विभिन्न सामग्रियों की बिक्री एवं बांस का उत्पादन के लिए हमारे जिले में काफी संभावना है। उन्होंने कहा कि हमारे गांव के लोग अब आधुनिक तरीके से काम करेंगे और जिला व राज्य की सांस्कृतिक विरासत को भी सजाएंगे।
आरसेटी के राजीव रंजन ने कहा कि बांस के निर्मित सामग्री काफी आकर्षक लगते हैं। वहीं इनके इस्तेमाल से हम स्वास्थ्य एवं पर्यावरण को भी फायदा पहुंचा सकते हैं। प्रशिक्षण के उपरांत आरसीटी के द्वारा सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र दिया गया।
मौके पर कार्यक्रम उत्प्रेरक आलोक कुमार सिन्हा, नीलेश, मनीष कुमार लहरी, राजेश कुमार, राजेश सिंह, महेंद्र कुमार, नीलम प्रजापति सहित कई लोग मौजूद थे