रामगढ़:  झारखंड जन संस्कृति मंच की बैठक रविवार को कुज्जू नया मोड़ स्थित अक्षत बैंक्वेट हॉल में हुई। जिसमें आगामी 4–5 अप्रैल, 2026 को आयोजित होने वाले मंच के 5वें राज्य सम्मेलन की तैयारियों पर गंभीर और विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।

बैठक में सम्मेलन को सफल और प्रभावशाली बनाने के लिए विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। विशेष रूप से कोष संग्रह (फंड कलेक्शन) को लेकर ठोस रणनीति बनाई गई और यह निर्णय लिया गया कि 30 मार्च 2026 तक सभी जिलों को अपने-अपने स्तर पर कोष संग्रह की जिम्मेदारी पूरी करनी होगी। इसके साथ ही सम्मेलन में सांस्कृतिक पक्ष को मजबूत करने के लिए नाटक एवं गायन दल के कलाकारों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दिया गया।
बैठक में यह भी बताया गया कि इस राज्य सम्मेलन में झारखंड के विभिन्न जिलों से जाने-माने शिक्षाविद, साहित्यकार, कलाकार और सांस्कृतिक कार्यकर्ता भाग लेंगे। लगभग 200 प्रतिनिधियों (डेलीगेट्स) के शामिल होने की संभावना है।, जिससे यह सम्मेलन व्यापक वैचारिक संवाद और सांस्कृतिक एकजुटता का महत्वपूर्ण मंच बनेगा। यह भी निर्णय लिया गया कि इस सम्मेलन में वैचारिक विमर्श के साथ-साथ झारखंड की समृद्ध कला, संस्कृति, भाषा और प्रगतिशील परंपराओं को प्रमुखता से मंच दिया जाएगा, ताकि स्थानीय सांस्कृतिक धरोहर को व्यापक पहचान और सम्मान मिल सके।

बैठक का संचालन संयुक्त रूप से सुरेंद्र कुमार बेदिया और महेश गोप द्वारा किया गया। मौके पर जयबीर हंसदा, जन्मेजय तिवारी, रामप्रवेश गोप, मोतीलाल बेदिया, भरत बेदिया, डॉ. कृष्णा गोप, शिव नारायण बेदिया सहित अन्य साथियों की उपस्थिति रही। सभी ने सम्मेलन को सफल बनाने के लिए अपने-अपने स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।

 

By Admin

error: Content is protected !!