रांची: अखिल भारतीय विद्यार्थी रांची महानगर ने रांची और साहिबगंज में नाबालिग आदिवासी बच्चियों के साथ हुए दुष्कर्म के विरोध में शनिवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन किया। साथ ही राज्य में बढ़ती दुष्कर्म की घटनाओं और बिगड़ती विधि-व्यवस्था को लेकर आक्रोश जताया। 

कार्यकर्ताओं ने डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय, मारवाड़ी महाविद्यालय, विमेंस कॉलेज, डोरंडा महाविद्यालय, सूरज सिंह मेमोरियल महाविद्यालय, राम लखन सिंह यादव महाविद्यालय के कैंपस से परिसर के मुख्य द्वार तक आक्रोश मार्च निकाला और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन किया। 

इस दौरान प्रदेश का मंत्री दिशा दित्या ने बताया की राजधानी रांची के समीप चान्हो थाना क्षेत्र की रहने वाली एक नाबालिग आदिवासी लड़की और साहिबगंज में नाबालिग बच्चियों से दुष्कर्म घटनाएं सामने आई है। राज्य की  पुलिस आरोपितों को अविलंब गिरफ्तार कर फांसी की सजा दिलाए। 

बताया कि वर्तमान में राजधानी रांची राज्य में दुष्कर्म के मामले में पहले स्थान पर है। हेमंत सोरेन की सरकार में राज्य की बहन-बेटियां भय में जी रहीं हैं।

पुतला दहन करनेवालों साक्षी कुमारी,रोली कुमारी, अक्षिता वर्मा, जी निकिता कुमारी, अनुश्रुती कुशव मिश्रा ,शालू जायसवाल ,नियति होता, संजना राज, कुमकुम गुप्ता,आदि कार्यकर्ताओं ने नेतृत्व किया जबकि कार्यक्रम के संयोजक के रूप में श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय में कार्यक्रम के संयोजक सतीश केसरी, डोरंडा महाविद्यालय के संयोजक गोपाल चौहान एवं शिवम लोहरा, मारवाड़ी महाविद्यालय के संयोजक सिद्धांत श्रीवास्तव, सूरज सिंह मेमोरियल महाविद्यालय के संयोजक अनिकेत सिंह एवं अंकित सिंह, राम लखन सिंह यादव महाविद्यालय के संयोजक सोनम झा एवं सचिन यादव रहे।

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