रामगढ़: सीसीएल की भुरकुंडा परियोजना में लोकल सेल को पुनः चालू कराने की कवायद फिर एकबार शुरू हुई है। लोकल सेल के मुद्दे पर बुधवार को रिवर साइड ऑफिसर्स क्लब में भुरकुंडा परियोजना प्रबंधन और स्थानीय लोगों की बैठक हुई। जिसकी अध्यक्षता भुरकुंडा परियोजना पदाधिकारी राकेश कुमार सत्यार्थी ने की।
बैठक में क्षेत्र के रैयत-विस्थापित, प्रभावित और पुराने सेल संचालन से जुड़े लोग शामिल रहे। बताया जाता है कि बैठक के दौरान सभी पक्षों ने अपनी बातों को रखा। वहीं चर्चा के दौरान रैयत विस्थापित मोर्चा के बैनर तले हिस्सेदारी की मांग कर रहे राजस्व गांव देवरिया बरगांवा और दुंदुवा के लोग 10-10 प्रतिशत की हिस्सेदारी पर अड़ गए। मसले पर सहमति नहीं बन सकी, जिससे बैठक बेनतीजा रही।
प्रबंधन की ओर से कहा गया कि आपसी सहमति बन जाने के बाद ही लोकल सेल चालू करने की प्रक्रिया शुरू की जा सकेगी। आपसी सामंजस्य से पहले सभी की सहमति बना लें। प्रबंधन लोकल सेल के लिए हर संभव पहल करेगी।
बताते चलें कि की वर्षों से बंद भुरकुंडा लोकल सेल को बीते वर्ष पुनः चालू करने की कवायद शुरू हुई थी। जिस पर कई गुट हिस्सेदारी और सेल संचालन की जिम्मेदारी को लेकर ताल ठोकने लगे। विभिन्न गुटों द्वारा धरना प्रदर्शन भी किया गया। आपसी सामंजस्य से सहमति बनाने को लेकर प्रयास भी हुआ। बावजूद इसके सहमति नहीं बनी। नतीजा यह हुआ कि भुरकुंडा लोकल सेल का मुद्दा ठंडा पड़ गया। इधर, लगभग एक वर्ष बाद लोकल सेल चालू करने को लेकर पुनः प्रयास होता दिख रहा है।
बैठक में प्रदीप मांझी, झरी मुंडा, सरोज झा, रजलाल मुंडा, राजेंद्र मुंडा, वीरेंद्र मांझी, शंकर मांझी, रावेल एक्का, रामदास बेदिया, वीरेंद्र यादव, दर्शन गंझू, रमन सिंह, कैलाश प्रसाद, विजय मुंडा, सन्नी बेसरा, मुकेश पासवान, बबन पांडेय, अमर यादव, राणा प्रताप सिंह, संतोष मांझी, आजाद अंसारी, जुगल पासवान, अजय साहू सहित अन्य मौजूद थे।