केंद्रीय कर्मशाला बरकाकाना के 165 क्वार्टरों पर अवैध कब्जा, 35 पर दूसरी बार चिपकाया खाली करने का नोटिस
रामगढ़: ख़ताएं लम्हे करते हैं, सज़ा सदियों को मिलती है…यह बात सीसीएल पर गाहे-बगाहे फिट बैठ ही जाती है। इन दिनों सीसीएल के क्वार्टरों पर अवैध कब्जा स्थानीय प्रबंधन के जी का जंजाल बनता दिख रहा है। नयानगर, बरकाकाना के सीसीएल कॉलोनी में दूसरी बार 35 क्वार्टरों पर कब्जा खाली करने का नोटिस चिपकाया गया है। तकरीबन एक माह के अंतराल पर दूसरी बार नोटिस जारी होने के बावजूद क्वार्टर खाली करने को लेकर अब तक कहीं कोई सुगबुगाहट नहीं दिख रही है।
बताया जाता है कब्जा करनेवाले लोगों में गैर-सीसीएलकर्मी सहित कई पुलिस वाले भी शामिल हैं। बीते 26 मार्च को नोटिस जारी कर अवैध कब्जेवाले क्वार्टरों पर चिपकाया गया था। अवैध कब्जा करनेवालों को तीन दिन का अल्टिमेटम दिया गया था। समयावधि बीते जाने के लगभग एक माह बाद पुनः 29 अप्रैल को दूसरा नोटिस जारी कर उन्हीं क्वार्टरों पर चिपकाया गया है। इससे जहां कुछ लोगों में हड़कंप है तो कुछ इसे महज खानापूर्ति भर मान रहे हैं। मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। सीसीएल केंद्रीय कर्मशाला के अधिकारी और सुरक्षा विभाग के कर्मी पेशोपेश में दिख रहे हैं।
जानकार बताते हैं कि बरकाकाना में सीसीएल केंद्रीय कर्मशाला के 165 क्वार्टरों पर अवैध कब्जा है। पहले चरण में 35 क्वार्टरों को खाली कराने की कवायद शुरू हुई है। इधर, दूसरी बार नोटिस चिपकाकर क्वार्टर से कब्जा हटाने का निर्देश दिया गया है। हालांकि कवायद का कोई असर फिलहाल पड़ता नहीं दिख रहा है।
चर्चा हैं कि सीसीएल के क्वार्टरों पर अवैध कब्जे का खेल कई दशकों से चल रहा है। यह पूर्व के अकर्मठ और भ्रष्ट अधिकारियों की ही कारगुजारियां ही हैं जिसकी वजह से क्वार्टरों पर अवैध कब्जा आज सीसीएल के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। सीसीएलकर्मी रिटायर होकर जैसे क्वार्टर खाली करते हैं, पैंठवाले मिलीभगत से क्वार्टर हथियाने में जुट जाते हैं।
आज स्थिति यह हो चली है कि नये अधिकारियों के पदभार ग्रहण करने के बाद उन्हें ही क्वार्टर नहीं मिल रहा है। वहीं दूसरी ओर पैंठवालें लोग मुफ्त में सीसीएल के संसाधनों के मजे उड़ा रहे हैं और सीसीएल के अधिकारियों के चेहरे पर सिर्फ लाचारी दिख रही है।
मामले को लेकर केंद्रीय कर्मशाला के एसओपी सुनील कुमार सहारे ने कहा है कि वरीय अधिकारियों से जो निर्देश मिला है, उसका पालन किया जा रहा है। नोटिस की अवहेलना पर आवश्यक कदम उठाये जाएंगे।