बंद पुरानी अंडर ग्राउंड माइंस में मैनुअली प्रोडक्शन अब संभव नहीं, मास प्रोडक्शन टेक्नोलॉजी एडोप्ट करने पर ही खदान पुनः खोलने पर होगा विचार। – बी. वीरा रेड्डी
सीएमडी ने एरिया की विभिन्न परियोजनाओं का लिया जायजा
• अधिकारियों को दिए दिशा-निर्देश
रामगढ़: सीसीएल के नये सीएमडी बी. वीरा रेड्डी ने शनिवार को सीसीएल बरका सयाल प्रक्षेत्र का दौरा किया। सर्वप्रथम सीसीएल बरका सयाल महाप्रबंधक अजय कुमार सिंह ने सीएमडी को बुके, अंग वस्त्र एवं श्रीफल देकर स्वागत किया।

इसके उपरांत महाप्रबंधक कार्यालय में सीएमडी बी. वीरा रेड्डी ने सीसीएल बरका-सयाल प्रक्षेत्र के अधिकारियों एवं संवेदक एवं कोयला ट्रांसपोर्ट के साथ बैठक की। महाप्रबंधक कार्यालय से सीएमडी वीरा रेड्डी, बरका सयाल महाप्रबंधक अजय कुमार सिंह एवं कई अधिकारी बिरसा परियोजना पहुंचें। जहां उन्होंने कार्यों की जानकारी ली।
वहीं सीएमडी ने बिरसा परियोजना के खदान का निरीक्षण भी किया। बिरसा परियोजना के बाद न्यू बिरसा और उरीमारी परियोजना के पोटंगा वर्कशॉप पहुंचे। जहां नई सीके मशीन का विधिवत पूजा अर्चना के पश्चात फीता काटकर उद्घाटन किया।

निरीक्षण के क्रम में सयाल आउटसोर्सिंग, भुरकुंडा परियोजना के बलकुदरा आउटसोर्सिंग एवं हाथीदाड़ी खदान होते हुए सीसीएल सौन्दा रेलवे साइडिंग पहुंचे जहां अधिकारियों से जानकारी लेने के पश्चात कई आवश्यक दिशा निर्देश दिया।
वहीं सीएमडी बी. वीरा रेड्डी ने भुरकुंडा में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि बरकासयाल प्रक्षेत्र में काम अच्छा हो रहा है। प्रोडक्शन भी बेहतर है। टारगेट पर एरिया का परफॉर्मेंस अच्छा है। वहीं उन्होंने कहा कि बलकुदरा माईस जल्द ही चालू हो रहा है। केके माइंस और सौंदा डी की माइंस से भी कोयले का उत्पादन जल्द शुरू हो जाएगा।
इस दौरान भुरकुंडा के बंद बांसगढ़ा और हाथीदाड़ी भूमिगत खदान के संबंध में उन्होंने कहा कि माइंस क्यों बंद है इसकी रिपोर्ट देखूंगा। हालांकि भूमिगत खदान में मैन्युअल तरीके से अब प्रोडक्शन संभव नहीं है। मास प्रोडक्शन करना है। इसके लिए माइंस में टेक्नोलॉजी एडॉप्ट हो पाएगा की नहीं इसकी स्टडी की जाएगी। कम प्रोडक्शन पर माइंस अब मैनुअली चालू नहीं किया जा सकता है।
सीएमडी के दौरे के क्रम में सीसीएल बरका सयाल महाप्रबंधक अजय कुमार सिंह, महाप्रबंधक ऑपरेशन बिनोद कुमार, उरीमारी परियोजना पदाधिकारी दिलीप कुमार, बिस्सा परियोजना के खान प्रबंधक रामेश्वर मुंडा, भुरकुंडा परियोजना पदाधिकारी मनोज कुमार पाठक, सयाल परियोजना पदाधिकारी सुबोध कुमार, एरिया सर्वे ऑफिसर मधुकर श्याम झा, एस.ओ माइनिंग अजय मेहता, क्षेत्रीय सुरक्षा पदाधिकारी एनके सिंह, एसओ (एक्स.) केआर भवन, प्रिंस कुमार सहित कई लोग मौजूद थे।