लातेहार: मनिका थाना क्षेत्र के रेवतकला जलाशय में अवैध रूप से मछली मारने और स्थानीय रैयतों के साथ कथित उत्पीड़न का मामला सामने आया है। इस संबंध में रेवटकला गांव निवासी सुबोध कुमार ने पुलिस महानिदेशक को आवेदन देकर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।

आवेदन में सुबोध कुमार ने कहा है कि वर्ष 2024 में मत्स्य पदाधिकारी द्वारा निविदा निरस्त किए जाने के बावजूद रेवतकला जलाशय में अवैध रूप से मछली मारने का प्रयास किया जा रहा है। जिसका विरोध करने पर जलाशय से जुड़े रैयतों को प्रताड़ित किया गया है। अपने आवेदन में उन्होंने रघुनंदन प्रसाद यादव, जावेद अंसारी, नसीम मियां और सज्जाद रहमान को संरक्षण दिए जाने का भी आरोप लगाया गया है।

आवेदन के अनुसार, 13 फरवरी 2026 को भारी पुलिस बल के साथ मत्स्य पदाधिकारी के नेतृत्व में रेवतकला जलाशय में मछली मारने का प्रयास किया गया। जिसपर पर रैयत परिवारों ने कागजात की मांग की। लेकिन मत्स्य पदाधिकारी द्वारा कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया। जबकि कुछ स्थानीय लोगों लोगों को थाना ले जाकर बाद में छोड़ दिया गया । आवेदक का कहना है कि जलाशय से संबंधित कोई वैध अनुबंध नहीं है और वर्ष 2019 से 2024 तक यह जलाशय बंद रहा है।

आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि रघुनंदन प्रसाद यादव की कथित फर्जी मत्स्यजीवी समिति के खिलाफ याचिका संख्या WPC-6287/2024 झारखंड उच्च न्यायालय में विचाराधीन है, जिसमें 11 जुलाई 2025 को नोटिस जारी किया जा चुका है।
सुबोध कुमार ने मांग की है कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, अवैध मछली शिकार पर तत्काल रोक लगाई जाए तथा दोषी अधिकारियों और संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

क्या कहते हैं अधिकारी 

मामले पर जिला मत्स्य पदाधिकारी स्वर्ण मधु लकड़ा ने कहा कि 2024 में रेवतकला जलाशय मत्स्य जीवी सहयोग समिति लिमिटेड द्वारा मछली डैम में डाला गया था। मुझे जानकारी है कि मामला हाईकोट में है। इसीलिए 2024 में मछली डालने के कारण मछली निकालने का आदेश जारी हुआ है। नियम का पालन करके मछली का निकासी की जा रही है। 

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