Cultural competition organized on the occasion of Baha festivalCultural competition organized on the occasion of Baha festival

जल, जंगल और जमीन से है आदिवासी समाज की पहचान : सोनाराम मांझी

बड़कागांव: प्रखंड अंतर्गत पोटंगा पंचायत न्यू बरटोला में प्राकृतिक बाहा पोरोब एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिता आयोजित किया गया। सांस्कृतिक प्रतियोगिता में बतौर मुख्य अतिथि झामुमो के केंद्रीय सदस्य, झाकोमयू जोनल कोषाध्यक्ष सह विस्थापित नेता सोनाराम मांझी, विशिष्ट अतिथि रैविमो बरका-सयाल क्षेत्रीय अध्यक्ष सूरज बेसरा, पोटंगा पंचायत समिति सदस्य (पश्चिमी) बभनी देवी, पोटंगा पंचायत के उप मुखिया रविन्द्र सोरेन, सम्मानित अतिथि संथाली अभिनेत्री फुलोमिना हंसदा (दुमका), अनिता हेंब्रम (दुमका), संथाली फीमेल सिंगर सुशींता हंसदा (दुमका), मेल सिंगर आनंद हेंब्रम, सोना दिशोम प्रोडक्शन के निर्माता बिनोद हेंब्रम, आनंद बेसरा, अजय बेसरा, मांझी हड़ाम दिनेश्वर सोरेन, पाराणिक लेचा मांझी, बाहा नायके पाहन मांझी, कुडम नाइके कोका मांझी, जोगवा छोटका मांझी, तलमी देवी, हीरामुनि देवी, फुल्की देवी, रतनी देवी, चंदमुनि देवी उपस्थित थे।

सांस्कृतिक प्रतियोगिता का विधिवत उद्घाटन मुख्य अतिथि झामुमो के केंद्रीय सदस्य, झाकोमयू जोनल कोषाध्यक्ष सह विस्थापित नेता सोनाराम मांझी के द्वारा फीता काट कर  किया गया।

मौके पर मुख्य अतिथि झामुमो के केंद्रीय सदस्य झाकोमयू के जोनल कोषाध्यक्ष सह विस्थापित नेता सोनाराम मांझी ने कहा कि हम आदिवासियों के लिए सरहुल सबसे बड़ा त्यौहार है। जिसमें हम प्रकृति से सीधे तौर पर जुड़े रहते हैं। जल, जंगल, जमीन हम आदिवासियों की पहचान है।

वहीं सांस्कृतिक प्रतियोगिता में सभी कलाकारों ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुति देकर उपस्थित लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया। वहीं दुमका से आयें अतिथियों ने भी कलाकारों का खुब हौसला अफजाई किया। सांस्कृतिक प्रतियोगिता में प्रथम स्थान झिलिक मिलिक समूह, द्वितीय स्थान जियाद झरना ग्रुप, तृतीय स्थान इपील चांदो ग्रुप, चतुर्थ स्थान रहला रिमिल ग्रुप एवं पांचवां स्थान दुलाड जला ग्रुप ने प्राप्त किया।

मौके पर मुख्य अतिथि झामुमो के केंद्रीय सदस्य, झाकोमयू जोनल कोषाध्यक्ष सह विस्थापित नेता सोनाराम मांझी के द्वारा प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले झिलिक-मिलिक समूह को दस हजार, द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले जियाद झरना ग्रुप को आठ हजार, तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले इपील चांदो ग्रुप को सात हजार, चतुर्थ स्थान प्राप्त करने वाले रहला रिमिल ग्रुप को छह हजार एवं पांचवां स्थान प्राप्त करने वाले दुलाड जला ग्रुप को पांच हजार रुपए पुरस्कार देकर सम्मानित किया।

इस प्रतियोगिता को सफल बनाने में रमेश हंसदा, मुरली सोरेन, राजेश हंसदा, नरेश हंसदा, सिकेंद्र सोरेन, सुरेश हेंब्रम, साहिल हेंब्रम, मुनालाल सोरेन, प्रदीप सोरेन सहित कई लोगों का सराहनीय योगदान रहा।

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