बड़कागांव: डीएवी उरीमारी में सोमवार को शारदीय नवरात्र पर फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता सहित सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। अवसर पर बच्चे देवी-देवताओं की वेशभूषा में स्कूल पहुंचे। फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता में एलकेजी से दूसरी कक्षा तक के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।
सुबह की प्रार्थना सभा में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। जिसमें बच्चों ने रामलीला का मंचन किया। इस अवसर पर कक्षा आठवीं तथा नवमी की छात्राओं ने गरबा नृत्य प्रस्तुत किया। चारों सदनों की छात्राओं द्वारा प्रस्तुत गरबा नृत्य बड़ा ही मनमोहक एवं आकर्षक था। चारों सदनों की छात्राओं ने पारंपरिक गुजराती परिधान में सुसज्जित होकर मंच पर अपनी प्रस्तुति दी।
इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य उत्तम कुमार रॉय ने मूर्ति उपासना पद्धति तथा उनके प्रतीकात्मकता पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने श्री गणेश की बुद्धि, कार्तिकेय के ज्ञान तथा नारी शक्ति की पूजा का महत्व बताया। उन्होंने श्री गणेश का वाहन चूहा, कार्तिकेय का वाहन मोर तथा मां शारदे का वाहन हंस की प्रतीकात्मकता पर भी विस्तार से बच्चों को जानकारी दी। उपासना की विधि का आज के युग में वैज्ञानिक महत्व भी बच्चों को समझाया।
उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि यह त्योहार बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। आज विश्व भर में तामसिक प्रवृत्तियां बढ़ रही है, उन पर अंकुश लगाने के लिए सात्विक प्रकृतियों का बढ़ना नितांत आवश्यक है।
वहीं प्राचार्य ने “यत्र नार्यस्त पूज्यन्ते रमंते तत्र देवता” का वर्णन एवं व्याख्या करते हुए कहा कि जहां महिलाओं का सम्मान होता है वही देवताओं का निवास होता है। महिलाओं के सम्मान तथा उनके उत्थान के लिए समाज से आगें आने का अनुरोध किया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में पुष्पांजलि प्रधान, मंजू सिन्हा, बबीता कुमारी, रश्मि कुमारी तथा नीतू सिंह, असीम घटक सहित अन्य शिक्षकों का सराहनीय योगदान रहा।