रामगढ़: सदर अस्पताल रामगढ़ में शुक्रवार को डायलिसिस सेन्टर का शुभारंभ हुआ। सेंटर का विधिवत उद्घाटन हजारीबाग सांसद मनीष जयसवाल, रामगढ़ विधायक ममता देवी, 20 सूत्री अध्यक्ष दिनेश मुंडा, जिला परिषद अध्यक्ष सुधा चौधरी, उप विकास आयुक्त रोबिन टोप्पो, सिविल सर्जन डॉ. महालक्ष्मी प्रसाद और उपाधीक्षक डॉ. ठाकुर मृत्युंजय कुमार सिंह के द्वारा संयुक्त रूप से फीता काटकर किया गया।
अवसर पर सांसद मनीष जयसवाल ने कहा कि डायलिसिस किडनी की बिमारी से ग्रस्त मरीजों के लिए एक ऐसी प्रक्रिया है जिसे सप्ताह में 2-3 बार भी कराना पड़ता है। इसमें काफी खर्च होता है और ये खर्च गरीबों के लिए वहन कर पाना संभव नहीं है। सदर अस्पताल रामगढ़ में डायलिसिस की सुविधा एक अच्छी पहल है।
वहीं रामगढ़ विधायक ममता देवी ने कहा कि नव वर्ष के आगमन के साथ ही रामगढ़ जिलावासियों को यह बड़ी सौगात मिली है। रामगढ़ सदर अस्पताल में डायलिसिस सेंटर उपलब्ध होने से मरीजों को बेहतर सुविधा और उनके परिजनों लोगों को काफी सहूलियत होगी।
सिविल सर्जन रामगढ़ डॉ. महालक्ष्मी प्रसाद ने बताया गया कि हर वर्ग के लोगों को यह सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि डायलिसिस सेवा 24X7 चलाई जायेगी परन्तु अभी ये सिर्फ दिन में चलाया जायेगा।
बताया जाता है कि सदर अस्पताल रामगढ़ में संचालित होने वाले इस डायलिसिस सेन्टर में BPL एवं आयुष्मान में मरीजों को निःशुल्क उपचार किया जायेगा तथा अन्य मरीजों को सरकारी दर पर डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध रहेगी।
किडनी के मरीजों को पड़ सकती है डायलिसिस की जरूरत
किसी भी स्वस्थ शरीर में किडनी का काम होता है रक्त को साफ करना और शरीर में अतिरिक्त पानी को पेशाब के रूप में शरीर से बाहर निकालना किडनी शरीर में कुछ ऐसे भी पदार्थ बनाती है जो हमारे शरीर के सुचारू रूप से काम करने के लिए बहुत जरूरी होते है पर अगर किसी कारण किडनी अपना काम ठीक से नहीं कर पाती है तो डायलिसिस के माध्यम से वही काम किया जाता है। यदि किसी बीमारी के वजह से किडनी का फंक्शन मात्र 10 से 15 प्रतिशत ही रह गया है या किडनी कमजोर पड़ गई है, तो ऐसे में किडनी शरीर से वेस्ट प्रोडक्ट जैसे कि यूरिया और अतिरिक्त पानी निकाल नहीं पाता है। जिससे उल्टी होना, पूरे शरीर में सूजन होना और थकान होना, जैसे लक्षण दिखने लगते हैं। जब किडनी इस तरह के कमजोर पड़ जाती है तब डायलिसिस कि जरूरत पड़ती है।