रांंची: महिलाओं के सशक्तिकरण से संबंधित संसदीय समिति का अध्ययन दौरा 12 सितंबर से 16 सितंबर के बीच हुआ। इस अध्ययन दौरे के दौरान समिति में भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों, विभागों, सरकारी उपक्रमों, बैंकों आदि के प्रतिनिधियों के साथ महिलाओं से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर माननीय सांसदों द्वारा विस्तृत एवं सार्थक चर्चा की गयी।

इस अध्ययन दौरे में संसद के दोनों सदनों के सांसदों डॉ. हिना गावित, डॉ. फौजिया खान, जसवीर सिंह गिल, शारदा बेन पटेल, डॉ. महुआ माजी, डॉ.कनिमोझी सोमू, संगीता यादव, रीति पाठक, गीता विश्वनाथ वांगा, इंदू बाला गोस्वामी, शताब्दी राय, सुलता देव, जेबी माथेर , कविता पट्टीदार ने भाग लिया।

मुंबई में समिति ने कारपोरेट कार्य मंत्रालय, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय, ओएनजीसी लिमिटेड, ऑयल इंडिया लिमिटेड, रक्षा मंत्रालय, मजगांव डॉक लिमिटेड के प्रतिनिधियों से सीएसआर फंड का महिलाओं के कल्याण एवं सशक्तिकरण के कार्यों में उपयोग तथा कार्य स्थलों पर महिलाओं के उत्पीड़न से संबंधित विषयों पर तथा ग्रामीण विकास मंत्रालय, वित्त मंत्रालय, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया एवं बैंक ऑफ बड़ौदा के प्रतिनिधियों से महिलाओं के स्वयं सहायता समूह की फंडिंग से संबंधित विषयों पर भी चर्चा की।

अमृतसर में समिति ने ग्रामीण विकास मंत्रालय, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, वित्त मंत्रालय, भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक एवं पंजाब एंड सिंध बैंक के प्रतिनिधियों के साथ-साथ महिलाओं के कुछ स्वयं सहायता समूह की प्रतिनिधियों , महिला एवं बाल विकास की प्रतिनिधियों, राज्य सरकार की महिला कल्याण विभाग के प्रतिनिधियों के साथ दो आंगनबाड़ी केंद्रों का दौरा किया और वहां के प्रतिनिधियों तथा बच्चों से बातचीत की।

श्रीनगर में पार्लियामेंट की महिला सशक्तिकरण समिति के सांसदों ने कारपोरेट मामलों के मंत्रालय, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, विद्युत मंत्रालय, एनएचपीसी, पीजीसीआईएल एवं आरईसी लिमिटेड के प्रतिनिधियों के साथ महिलाओं के लिए पीएसआर फंड के उपयोग तथा कार्य स्थलों पर महिलाओं के उत्पीड़न से संबंधित विषयों पर चर्चा की। उसके साथ-साथ समिति ने केंद्र के कौशल विकास मंत्रालय तथा राज्य सरकार के समाज कल्याण विभाग के प्रतिनिधियों के साथ महिलाओं के कौशल विकास से संबंधित मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।

झामुमो की राज्य सभा सांसद महुआ माजी ने कहा है कि इन चर्चाओं ने समिति को महत्वपूर्ण अंतर्दृष्टि दी जो उन्हें संसद में एक उद्देश्य पूर्ण और प्रासंगिक रिपोर्ट पेश करने में मदद करेगी।

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