जिला खनन टास्क फोर्स ने की बैठक 

• कोयला खनन क्षेत्र में एक प्रवेश व एक निकास द्वार रखने का निर्णय

धनबाद: उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी वरुण रंजन की अध्यक्षता में न्यू टाउन हॉल में जिला खनन टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई। बैठक में उपायुक्त ने कोयले के अवैध खनन, भंडारण एवं ट्रांसपोर्टेशन में संलिप्त लोगों के विरुद्ध नामजद और परिपूर्ण एफआइआर दर्ज कराने, अवैध खनन को रोकने के लिए मजबूत रणनीति तैयार करने, नई तकनीक का इस्तेमाल करने व प्रति माह जिला स्तर पर व्यापक रूप से कोयला चोरी के विरुद्ध विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया।

उपायुक्त ने कहा कि जब तक इसमें संलिप्त लोग गिरफ्तार नहीं होंगे और उन्हें सजा नहीं होगी तब तक उनके मन में भय नहीं रहेगा। विस्तृत एफआइआर दर्ज कराने के लिए उपायुक्त ने पुलिस एवं बीसीसीएल के साथ एक संयुक्त ट्रेनिंग सेशन करने का सुझाव दिया। साथ ही अंचल अधिकारी, पुलिस एवं बीसीसीएल प्रबंधन को प्रति माह बैठक कर स्थिति का आकलन करने का निर्देश दिया।

उपायुक्त ने अवैध खनन, भंडारण एवं ट्रांसपोर्टेशन के वल्नरेबल स्थान को चिन्हित कर वहां पर सख्त निगरानी रखने, सुरक्षा के पर्याप्त उपाय करने, अवैध मुहाने को ओवर बर्डन से भरने, उसके आसपास डीप ट्रेंच कटिंग करने के साथ-साथ नियमित रूप से उक्त स्थल की निगरानी करने व पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाने का निर्देश दिया।

वहीं अवैध खनन में संलिप्त लोगों द्वारा बीसीसीएल पदाधिकारी व सीआइएसएफ पर हमला करने वालों के विरुद्ध उपायुक्त ने सख्त से सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

इसके अलावा बैठक में कोयला ट्रांसपोर्टेशन में प्रयुक्त वाहनों में लगे जीपीएस से छेड़छाड़ करने पर उक्त वाहन को ब्लैक लिस्ट करने, बिना जीपीएस लगे वाहनों की एंट्री ना हो या सुनिश्चित करने, सभी वे – ब्रिज को चालू कर उसका ऑडिट करने, जीएसटी रजिस्ट्रेशन करा कर ई-वेबिल जनरेट कर 24 घंटे में उसे बंद कर देने वाले कारोबारियों को चिन्हित कर उन पर कार्रवाई करने, माइनिंग लीज होल्ड एरिया में हाई मास्ट लाइट लगाने, समय-समय पर सिक्योरिटी ऑडिट कराने का निर्णय लिया गया।

बैठक में वरीय पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार ने कहा कि एफआइआर नाम और सबूत के साथ दर्ज होने से अभियुक्त को अंजाम तक पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने एफआइआर दर्ज करने से लेकर अभियुक्त के विरुद्ध चार्ज शीट दाखिल करने तक बीसीसीएल प्रबंधन को पुलिस के साथ समन्वय स्थापित करने का भी निर्देश दिया।

बैठक में बीसीसीएल के जीएम सेफ्टी ने बताया कि कंपनी ने 1300 सीसीटीवी कैमरे लगाने, बूम बैरियर, क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) वाहन में डैश कैम, सुरक्षा पदाधिकारी को बॉडी कैम, कोयला परिवहन के रूट का जिओ फेंसिंग तथा हर वाहन में जीपीएस सिस्टम लगाने और एक इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम स्थापित करने की दिशा में कारगर कदम उठाए हैं।

बैठक में भारत कोकिंग कोल लिमिटेड के निदेशक (कार्मिक) ने सभी एरिया के महाप्रबंधकों को जिला प्रशासन के निर्देशों का पालन करने एवं प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया। साथ ही बताया कि ड्रोन से निगरानी करने के कारण कोयला चोरी कम हुई है।

बैठक में बीसीसीएल के निदेशक (कार्मिक) मुरली कृष्ण रमैया, वन प्रमंडल पदाधिकारी विकास पालीवाल, अपर समाहर्ता नंदकिशोर गुप्ता, अनुमंडल पदाधिकारी प्रेम कुमार तिवारी, डीटीओ राजेश कुमार सिंह, पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय  अमर कुमार पांडेय, जिला खनन पदाधिकारी मिहिर सालकर, बीसीसीएल के जीएम (सिक्योरिटी) एम.एस. पांडेय सहित जिला प्रशासन, पुलिस, बीसीसीएल, सीआइएसएफ व ईसीएल के पदाधिकारी मौजूद थे।

 

By Admin

error: Content is protected !!