रामगढ़: प्रसिद्ध सिद्धपीठ रजरप्पा में परिवार समेत पूजा करने पहुंचे एक युवक के साथ पांच पुलिसकर्मियों ने जमकर मारपीट की है। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद आम लोगों में काफी नाराजगी देखी जा रही है। वहीं राज्य की शासन व्यवस्था और पुलिस विभाग की किरकिरी भी हो रही है। मारपीट की घटना रविवार की बताई जाती है।

मिली जानकारी के अनुसार जमशेदपुर से एक युवक अपने परिवार के साथ रविवार को मां छिन्नमस्तिका मंदिर में पूजा करने रजरप्पा आया था। जहां किसी बात पर मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था में लगे चार आरक्षी और एक होमगार्ड के जवान ने युवक की बेरहमी से पिटाई कर दी। घटना से संबंधित वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर हड़कंप सा मच गया। घटना पर लोगों की तीखी प्रतिक्रिया आने लगी। सोशल मीडिया पर राज्य की शासन व्यवस्था और पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठने लगे।
वहीं मामले को लेकर रामगढ़ एसपी अजय कुमार ने सोमवार मंदिर प्रक्षेत्र पहुंचकर घटना की पूरी जांच ली और कार्रवाई करते हुए पुलिसकर्मी आरक्षी श्याम लाल महतो राधेश्याम कुजूर, बहादुर उरांव और जॉनसन सुरीन को निलंबित और गृहरक्षक सिकन्दर यादव को कार्य से विमुक्त कर दिया। वहीं एसपी ने पुलिस कर्मियों को अनुशासन में रहने और जनता से अच्छा व्यवहार करने का निर्देश भी दिया।
घटना पर विपक्ष ने राज्य की शासन व्यवस्था पर उठाए सवाल
पुलिस कर्मियों द्वारा श्रद्धालु की पिटाई का वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर आम लोग घटना की निंदा करते हुए पुलिस कर्मियों पर कठोर कार्रवाई की मांग करते दिखे। वहीं झारखंड सरकार पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने एक्स पर पोस्ट साझा करते हुए कहा है कि झारखंड में सरकार, प्रशासन और पुलिस की बदइंतज़ामी अब चिंता का विषय बन चुकी है। भक्तों के साथ मारपीट और दुर्व्यवहार की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। सरकार के कार्यकाल में ऐसा माहौल बन गया है कि मंदिरों में परिवार के साथ आने वाले श्रद्धालु भी सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं। यह घटना और ऐसी कई अन्य घटनाएं झारखंड में एक गलत परंपरा को जन्म दे रही हैं, जिसे तुरंत रोकने की आवश्यकता है।
