उरीमारी (हजारीबाग): डीएवी पब्लिक स्कूल उरीमारी में धूमधाम से स्वतंत्रता दिवस मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय में विविध कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। जिसमे छात्रों, शिक्षको के साथ अभिभावकों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में दिलीप कुमार, परियोजना पदाधिकारी उरीमारी तथा विशिष्ट अतिथि रश्मि कुमारी, झामुमो नेता संजीव बेदिया, एरिया वेल्फेयर मेम्बर संजय शर्मा, थाना प्रभारी उरीमारी, राम कुमार राम, सौरभ कुमार मैनेजर एसबीआई सहित कई शामिल रहे।
मुख्य अतिथि दिलीप कुमार ने झंडोत्तोलन किया। वहीं राष्ट्रगान के साथ सभी ने तिरंगे को सलामी दी और स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरुआत परेड से हुई। जिसमें विद्यालय के चारों सदनों के छात्र- छात्राओं एवं विद्यालय की बैंड टीम ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया।
इसके बाद विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने एक से बढ़कर एक रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किया। जिसमें बच्चों ने देशभक्ति गीत और नृत्य से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। बच्चों ने एक सुंदर नाटक ‘ बागवां’ प्रस्तुत किया जिसे सभी लोगों ने काफी साराहा। 
कार्यक्रम के दौरान प्राचार्य उत्तम कुमार राय ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस न केवल हमारे पूर्वजों के बलिदानों को स्मरण करने का दिन है बल्कि यह हमें अपने देश के विकास और समृद्धि के प्रति अपनी जिम्मेदारी का एहसास भी करता है। प्राचार्य ने मुख्य अतिथि तथा सभी अभिभावकों का अभिनंदन करते हुए कहा कि उनका सहयोग ही उन्हें अच्छा परिणाम देने के लिए प्रेरित करता है।
प्राचार्य ने विद्यालय के सत्र 23 – 24 की कक्षा दसवीं एवं 12वीं में स्कूल टॉपर बच्चों को प्रतीक चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र देकर उन्हें सम्मानित किया तथा उनके उज्जवल भविष्य की कामना की । उन्होंने जेईई तथा नीट परीक्षा में सफलता पाने वाले छात्र-छात्राओं को भी पदक देकर सम्मानित किया।
वहीं समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि देव कुमार ने लोगों को स्वतंत्रता संग्राम के सेनानियों को नमन करते हुए बच्चों को उनके प्रति सच्ची श्रद्धा रखने की अपील की तथा उन्हें अपने जीवन में देशभक्ति की भावना की मशाल को जलाए रखने का आह्वान किया।
समारोह के अंत में विद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक डी.के. मंडल ने धन्यवाद ज्ञापन किया। समारोह का समापन शांति पाठ के साथ हुआ।
कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के सभी शिक्षक, शिक्षिकाओं एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों का सराहनीय योगदान रहा।

