बड़कागांव: खतियानी रैयत परिवार उरीमारी ने सीसीएल उरीमारी परियोजना पदाधिकारी को आठ सूत्री मांग पत्र गुरुवार को सौंपा। मांग पत्र में कहा गया है कि खतियानी रैयत परिवार उरीमारी परियोजना हित एवं उत्पादन हेतु सदैव सहयोग की भावना रखती है, परन्तु सीसीएल प्रबन्धन द्वारा अभी तक पूर्ण रूप से विस्थापितों की समस्याओं का समाधान नहीं हो पाया है।

खतियानी रैयत परिवार ने मांग किया है कि सीसीएल उरीमारी परियोजना द्वारा अधिग्रहित बकाये जमीन के बदले नौकरी एवं मुआवजा जल्द से जल्द दिया जाये, उरीमारी परियोजना में गैरमजरूआ भूमि का सर्वेक्षण कराई जाय तथा सत्यापन करवाकर रैयतों को नियोजन दिया जाये, हेसाबेड़ा सरना स्थल की चाहरदीवारी यथाशीघ्र कराई जाये तथा तालाब का भी सुन्दरीकरण किया जाये, उरीमारी परियोजना द्वारा विस्थापित किये गांव-टोला में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था हेतु कुआं एवं डीप बोरिंग दिया जाये तथा प्रत्येक घर में नल की व्यवस्था दिया जाये, बिरसा चौक उरीमारी से दामोदर नदी शमशान घाट जाने वाले मार्ग की पीसीसी पथ तथा शमशान घाट के समीप शेड का निर्माण कराई जाये, विस्थापितों का सर्वेक्षण कर खतियान के आधार पर विस्थापित प्रमाण-पत्र निर्गत किया जाये, विस्थापित ग्रामीणों को प्रदुषण से बचाव हेतु ट्रॉस्पोर्टिंग मार्ग में नियमित जल छिड़काव किया जाये, उरीमारी परियोजना द्वारा अधिग्रहित गांव तेतरिया में बिजली बहाल हेतु जर्जर पोल को बदलकर नई पोल एवं तार की व्यवस्था दिया जाये।

पत्र में कहा गया है कि यदि उपरोक्त मांग पर सीसीएल प्रबंधन शीघ्र कोई पहल नहीं करती है तो बाध्य होकर खतियानी रैयत परिवार उरीमारी परियोजना का कोयला संप्रेषण ठप करेगी। जिसकी पूर्ण जवाबदेही सीसीएल प्रबन्धन की होगी।

मांग पत्र सौंपने वालों में मुख्य रूप से सरंक्षक दसई मांझी, अध्यक्ष शनिचर मांझी, सचिव कार्तिक मांझी, रैना मांझी, खेपन मांझी, तालो हंसदा, राजा हेम्ब्रोम, परमेश्वर सोरेन, मनोज सिंह, शिकारी टुडू, सुबितराम किस्कु, बरियत किस्कू, अनिल मुर्मू, दीपक मरांडी सहित कई लोग शामिल थे।

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