अंचलाधिकारी ने कहा वरीय अधिकारियों को भेजेंगे रिपोर्ट 

मनिका (लातेहार): नेशनल हाईवे निर्माण में लगी कंपनी द्वारा सार्वजनिक जल संरचनाओं को क्षतिग्रस्त किए जाने के गंभीर मामले में अब प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। एजामढ़ सिवाना क्षेत्र में चेकडैम और तालाबों को मिट्टी उठाव के दौरान नष्ट किए जाने की शिकायत पर मनिका अंचलाधिकारी ने टीम के साथ स्थल निरीक्षण कर विस्तृत जांच की। यह कार्रवाई जिला सांसद प्रतिनिधि (एनएचएआई) छोटू राजा की लिखित शिकायत पर की गई। जिसमें आरोप लगाया गया था कि हाईवे निर्माण के नाम पर किसानों के सिंचाई स्रोतों को मिटाया जा रहा है।

राजस्व रिकॉर्ड, सैटेलाइट मैप और जमीनी हकीकत का हुआ मिलान

स्थल निरीक्षण के दौरान अंचलाधिकारी ने राजस्व अभिलेख (खाता-46 सहित), सैटेलाइट मैप और मौजूदा खुदाई स्थल का गहन मिलान किया। मौके पर उपस्थित सांसद प्रतिनिधि छोटू राजा ने अधिकारियों को वह स्थान दिखाया जहां पहले चेकडैम और तालाब मौजूद थे, जो अब मिट्टी और मलबे में तब्दील हो चुके हैं।
उन्होंने बताया कि ये जल संरचनाएं वर्षों से स्थानीय किसानों की सिंचाई और जल संरक्षण का प्रमुख आधार थीं, जिन्हें कंपनी ने बिना अनुमति नष्ट कर दिया।

निजी एकरारनामा’ संदेह के घेरे में

निरीक्षण के दौरान कंपनी की ओर से प्रस्तुत किए गए निजी एकरारनामे पर भी गहन चर्चा हुई। सांसद प्रतिनिधि ने आरोप लगाया कि इस समझौते में तथ्यों को छिपाया गया है और सार्वजनिक जल स्रोत को “ऊंची जमीन” बताकर गुमराह किया गया है। हालांकि इस पर अंचलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि हर बिंदु की जांच की जाएगी। यदि नियमों का उल्लंघन पाया गया तो दोषी कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित होगी। अंचलाधिकारी ने भरोसा दिलाया कि जांच के आधार पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर जिला और राज्य स्तरीय अधिकारियों को सौंपी जाएगी। जिससे विधिसम्मत कार्रवाई की जा सके।

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