रामगढ़: विधानसभा में बड़कागांव विधायक रोशन लाल चौधरी ने शनिवार को उर्जा सेक्टर के जेबीवीयूएनएल, जेयूएसएनएल, और जेयूयूएनएल में मैनपावर की भारी कमी का मुद्दा उठाया। विधायक द्वारा पूछे गए तारांकित प्रश्न के जवाब में सरकार ने स्वीकार किया है कि विभाग में अभियंताओं के कई महत्वपूर्ण पद रिक्त पड़े हैं, जिन्हें भरने के लिए प्रक्रिया शुरू की जा रही है।

रिक्तियों का बड़ा आंकड़ा

विधायक द्वारा सदन में रखे गए आंकड़ों के अनुसार, झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड में वर्तमान में मात्र 147 कनीय अभियंता जेई कार्यरत हैं, जबकि 667 पद खाली पड़े हैं। इसी तरह, सहायक अभियंता एइ के भी 204 पद रिक्त हैं। वर्तमान में प्रत्येक डिवीजन में मात्र 5 से 6 कनीय अभियंता ही नियुक्त हैं, जबकि सुचारू कामकाज के लिए एक डिवीजन में कम से कम 25 से 30 इंजीनियरों की आवश्यकता होती है। इसके अलावा, राज्य के बिजली निगमों में मैनेजिंग डायरेक्टर और चीफ़ मैनेजिंग डायरेक्टर जैसे शीर्ष पद भी रिक्त होने की बात सामने आई है।

सवाल पर राज्य सरकार का पक्ष

ऊर्जा विभाग की ओर से दिए गए जवाब में विभागीय मंत्री ने आश्वासन दिया है कि झारखंड ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड और उसकी अनुषंगी कंपनियों में आवश्यकतानुसार विभिन्न अभियंताओं की नियुक्ति के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया कि इन पदों को JPSC झारखंड लोक सेवा आयोग या, SSC कर्मचारी चयन आयोग के माध्यम से भरने की योजना है। निर्धारित चयन प्रक्रिया के अनुसार नियुक्तियां करने की दिशा में विभाग काम कर रहा है।

10 वर्षों से नहीं हुई नियमित नियुक्ति

प्रश्न के माध्यम से यह भी ध्यान दिलाया गया कि इन विभागों के 07 एरिया बोर्ड और 114 सब-डिवीजन में पिछले 10 वर्षों से बड़ी संख्या में कोई नई नियमित नियुक्तियां नहीं हुई हैं, जिससे राज्य की विद्युत व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यों पर दबाव बढ़ रहा है।

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