गिरिडीह: जमुआ प्रखंड स्थित धरमपुर पंचायत के ग्राम श्यामसिंह नावाडीह में मनरेगा मजदूर मंच के बैनर तले मनरेगा दिवस मनाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मंच के प्रदेश संयोजक मो.आलम अंसारी ने की। अवसर पर भारत ज्ञान विज्ञान समिति के प्रदेश महासचिव विश्वनाथ सिंह सहित मजदूर और ग्रामीण शामिल रहे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विश्वनाथ सिंह ने कहा कि मनरेगा में 100 दिन का काम का गारंटी है। लेकिन आने वाले दिनों में केंद्र सरकार द्वारा लाए जा रहे वीभी- जी रामजी योजना में 125 दिन की बात धोखा है। क्योंकि इसमें तकनीकी रूप से कुछ और है और जुमला के रूप में कुछ और। इसमें केंद्र सरकार 60% ही वहन करने का जिम्मा लिया है और राज्य सरकार के भरोसे 40% थोपा जा रहा है जो मजदूरों को धोखा देने के सिवा कुछ भी नहीं है।

वहीं संयोजक मो. आलम ने कहा कि मनरेगा दुनिया में मजदूरों के हित का सबसे बड़ा और बेहतर कानून था जिसे देश की केंद्र सरकार खत्म कर मजदूरों के अधिकार को और किसानों के बन रहे संसाधनों को खत्म करने की कोशिश कर रही है। इसे किसी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

कार्यक्रम में उपस्थित मजदूरों ने भी अपनी बात रखी। उन लोगों ने कहा कि मनरेगा को सरकार मूल रूप में हमलोगों को वापस करें और भीबी जीरामजी योजना एक छलावा है। इसे सरकार वापस ले और मनरेगा में तकनीकी अड़चन लगाकर कमजोर करने की कोशिश ना करें। जिस प्रकार मजदूरों की उपस्थिति पूर्व में बनाई जाती थी उसी प्रकार आगे भी जारी रखें ना की एनएमएमएस जैसी तकनीकी व्यवस्था मजदूरों पर थोपी जाए। 

मौके पर बिजीभीएस के प्रखंड सचिव सह मजदूर मंच के दिवस कुमार, प्रखंड उप सचिव सह मजदूर मंच के सदस्य सरताज परवेज, धरमपुर के मुखिया लोकनाथ हजरा, संतोष कुमार साव, अनिल कुमार, उमेश कुमार चंद्रवंशी, रघुनाथ सिंह, तुलो राम, बहादुर सिंह, बुल्लू कुमार, भरत महतो, केदार हजरा,छोटू हजरा, एतवारी महतो,अजय वर्मा, नकुल वर्मा, भीम महतो, शब्बीर अंसारी सहित अन्य मौजूद रहे।

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