पर्यावरण की सुरक्षा के लिए जंगल बचाना है जरूरी : डीसी
रामगढ़: समाहरणालय स्थित टाउन हॉल में उपायुक्त चंदन कुमार की अध्यक्षता में वन अधिकार अधिनियम 2006 के क्रियान्वयन हेतु एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान सर्वप्रथम जिला कल्याण पदाधिकारी निशा सिंह ने उपायुक्त व अन्य वरीय पदाधिकारी को पौधा देकर स्वागत किया।
कार्यक्रम में उपायुक्त ने उपस्थित सभी पदाधिकारी व सदस्यों को वन अधिकार अधिनियम 2006 के संबंध में कहा कि वन अधिकार अधिनियम 2006 को जिला प्रशासन धरातल पर उतरने हेतु हर सम्भव प्रयास कर रही है। उपायुक्त ने सभी सदस्यों को वन अधिकार अधिनियम 2006 एवं वन पट्टा के महत्व के संबंध में सभी को समझाते हुए कहा कि वन पट्टा लेने के लिए नहीं बल्कि वनों को बचाने के लिए दिया जाता है। इस अधिनियम के मूलभूत उद्देश्य को समझना होगा।
इस दौरान उपायुक्त ने सभी को एक स्वस्थ पर्यावरण के निर्माण के लिए जंगल को बचाने का अपील किया। वन्य जीवन जंगल और जैव विविधता की रक्षा करें और उन पर कोई भी प्रतिकूल प्रभाव ना डालना यह सुनिश्चित करें, साथ ही यह भी सुनिश्चित करें कि आसपास के जल ग्रहण क्षेत्र जल स्रोत और अन्य पारिस्थितिक रूप से संवेदन क्षेत्र पर्याप्त रूप से संरक्षित है।
वहीं उपायुक्त ने कहा कि हमारा लक्ष्य है अधिक से अधिक वन अधिकार पट्टा जारी करें। प्रशिक्षण के दौरान वन प्रमंडल पदाधिकारी, नितेश कुमार उपस्थित सभी अंचल अधिकारी, सभी ग्राम सभा-एफआरसी के अध्यक्ष एवं सचिव को पीपीटी के माध्यम से वन अधिकार अधिनियम 2006 को विस्तार पूर्वक जानकारी दिए साथ ही ओटीएफडी के कार्यों के संबंध में भी जानकारी दी गई।
इस दौरान एफआरसी सेल रांची से मनोहर चौहान, तुषार कुंभकार, टेक्निकल अप ट्रेनर रामगढ़ महेंद्र कुमार रविदास द्वारा उपस्थित सभी सदस्यों को अबुआ बीर अबुआ दिशोम अभियान के मुख्य लक्ष्य को विस्तार पूर्वक जानकारी दी गई साथ ही सभी की दुविधाओं को भी दूर किया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्य रूप से उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारी, सभी अंचल अधिकारी रामगढ़, सभी ग्राम सभा एफआरसी के अध्यक्ष एवं सचिव सहित अन्य उपस्थित थे।