• परीक्षाओं में बेहतर परिणाम के लिए विद्यालयों के प्रधानाचार्य से किया गया विचार विमर्श
साहिबगंज: जिला शिक्षा परियोजना के तत्वाधान में मंगलवार को सिदो कान्हू सभागार में उपायुक्त रामनिवास यादव की अध्यक्षता में चिंतन बैठक आयोजित हुई। जिसमें वर्ष 2023 मैट्रिक एवं इंटर की परीक्षाफल की समीक्षा एवं आगामी वर्ष 2024 में आयोजित होने वाली परीक्षाओं के बेहतर परिणाम हेतु चर्चा की गई।
इस क्रम में उपायुक्त राम निवास यादव, जिला परिषद अध्यक्ष मोनिका किस्कू, उप विकास आयुक्त प्रभात कुमार बरदियार, जिला शिक्षा पदाधिकारी दुर्गानंद झा, जिला शिक्षा अधीक्षक राजेश कुमार सम्मिलित हुए। जहां सभी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया इस क्रम में अतिथियों का पुष्प गुच्छ देकर स्वागत भी किया। इस क्रम में जिला में शिक्षा के विकास, गुणवत्ता में सुधार तथा आगामी सत्र के परीक्षाफल में बेहतर करने हेतु कार्य योजना पर चर्चा की गई।
बैठक के दौरान विभिन्न विद्यालय के प्रधानाध्यापकों ने अपने अपने अनुभव साझा किए एवं बताया कि उनके विद्यालय से पूर्व के वर्ष में परीक्षाफल खराब होने का क्या कारण रहा। इस बीच उन्होंने बताया कि कई बच्चे ने परीक्षा को गंभीरता से नहीं लिया तथा वह लगातार अनुपस्थित रहे। यही बड़ी वजह है उनके विद्यालय प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा।जबकि वैसे विद्यालय के प्रधानाचार्य जहां मैट्रिक व इंटर की परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन किया। उन्होंने भी अपना अनुभव साझा किया। प्रधानाचार्य ने बताया कि उनकी विद्यालय में उन्होंने क्या रणनीति अपनाई बच्चों को लगातार अभ्यास कराया, बच्चों में अध्ययन को लेकर रुचि जगाई एवं परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन करने को प्रेरित किया साथ ही उनकी उपस्थिति भी अच्छी रही।
इस बीच शिक्षकों को संबोधित करते हुए उपायुक्त राम निवास यादव ने सभी का स्वागत करते हुए कहा कि मैट्रिक व इंटर के परीक्षाफल आने के पश्चात कुछ बैठक बीआरपी, सीआरपी एवं बीईओ के साथ की गयी है।
जिसके माध्यम से शिक्षा व्यवस्था सुधारने हेतु क्या प्रयास किए जाए इस पर विचार विमर्श किया गया।
इस दौरान उपायुक्त ने सभी शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि सर्वप्रथम बच्चों की क्षमता समझे एवं बच्चों को बोर्ड की परीक्षा से पहले नौवीं कक्षा में ही तैयारी करवाना शुरू कर दें। इसके अलावा 12वीं बोर्ड से पहले 11 वीं में ही उसे तैयार करना शुरू कर दें ताकि वह बोर्ड परीक्षा में अच्छा परिणाम हासिल कर सकें।
उन्होंने कहा कि शिक्षक अपनी जिम्मेदारी समझें विद्यालयों के विकास में सहयोग दें। पूर्व की कई बैठकों में अतिरिक्त कमरों के निर्माण से संबंधित प्रतिवेदन मांगा गया था। जहां कुछ विद्यालय के प्रधानाचार्य ने ही इसे गंभीरता से लिया। इसे आप समझ सकते हैं कि कहीं ना कहीं विद्यालयों के प्रधानाचार्य भी अपनी जिम्मेदारी से मुंह मोड़ रहे हैं जिसके कारण शिक्षा व्यवस्था जिले में पिछड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि विद्यालय के विषय में सोचना भी प्रधानाचार्य एवं शिक्षकों का कर्तव्य है जिस प्रकार बच्चों की भविष्य सवारना आप शिक्षकों का कर्तव्य है। उसी प्रकार अपने विद्यालयों की स्थिति को बेहतर बनाना भी आपका कर्तव्य है।
उन्होंने कहा कि अपने विद्यालय एवं विद्यालय में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के बेहतर भविष्य हेतु अच्छा निर्णय लें साथ ही संकल्प ले की आने वाले वर्षों में न केवल हम परिणाम फल के मामले में बेहतर करेंगे बल्कि जिले की शिक्षा व्यवस्था को इतना ऊपर पहुंचाएंगे कि जिले का बच्चा राज्य और देश का नाम रोशन करें।
कार्यक्रम के दौरान उप विकास आयुक्त ने कहा कि पूर्व के वर्ष में परिणाम अच्छा नहीं रहा इससे हमें सीख लेने की आवश्यकता है। इस वर्ष परिणामफल अच्छा कैसे हो इसी विषय पर आज का कार्यक्रम आयोजित किया गया है। जिसमें शिक्षकों से वार्ता के माध्यम से विद्यालयों में आ रही समस्याओं को सुलझाया जा सके।