राज्यसभा सांसद सह प्रदेश महामंत्री आदित्य साहू रहे शामिल
रामगढ़: भाजपा जिला कार्यालय में डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी की जयंती के अवसर पर विचार गोष्टी आयोजित की गई। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद एवं प्रदेश महामंत्री डॉ आदित्य साहू एवं मंचासीन पदाधिकारियों द्वारा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्जवलित कर की गई। इसके उपरांत गोष्ठी में शामिल सभी लोगों ने चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। गोष्ठी की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष प्रवीण मेहता और संचालन महामंत्री प्रो. खिरोधर साहू ने किया।
राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने इस अवसर पर लियाकत समझौते (दिल्ली समझौते) का जिक्र करते हुए कहा की लियाकत-नेहरू समझौता (या दिल्ली समझौता ) भारत और पाकिस्तान के बीच एक द्विपक्षीय संधि थी। जिसमें शरणार्थियों को अपनी संपत्ति का निपटान करने के लिए लौटने की अनुमति दी गई, अपहृत महिलाओं और लूटी गई संपत्ति को वापस किया जाना था, जबरन धर्मांतरण को मान्यता नहीं दी गई, और अल्पसंख्यक अधिकारों की पुष्टि की गई थी पर हो इसका बिलकुल अलग रहा था।
भारत में तो शांति थी पर पाकिस्तानी हिंदुओं को इस समझौते का कोई लाभ नहीं मिल रहा था। जिसका विरोध डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी मुखर्जी ने मुखर रूप से किया था और इसके बाद ही उनके द्वारा जनसंघ की नींव रखी गई।
इस गोष्ठी को आगे बढ़ाते हुए रामगढ़ जिले के वरिष्ट भाजपा नेता रंजीत सिन्हा ने बताया की आज आजाद कश्मीर भारत का हिस्सा डॉक श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी की राजनीतिक सोच और देश के प्रति उनका समर्पण का हीं परिणाम है वरना अपने हीं देश का हिस्सा रहे कश्मीर में भी किसी भारतीय नागरिक को बिना परमिट लिए जाना नामुमकिन था। उन्होंने बताया की तत्कालीन प्रधानमंत्री के द्वारा सिलसिलेवार ढंग से लिए गए कई गलत निर्णय में से एक उनके द्वारा कश्मीर पर धारा 370 थोपना भी था जिसके तहत किसी भी पाकिस्तानी को कश्मीर में शादी करने पर उसे भारतीय नागरिकता प्राप्त हो जाती थी। इतना हीं नहीं बल्कि किसी कश्मीरी को पाकिस्तान में शादी करने के बाद भी उसकी भारतीय नागरिकता बरकारा रहती थी। वहीं अगर कोई कश्मीरी बेटी अपने हीं देश के किसी अन्य राज्य में शादी करे तो उसकी नागरिकता चली जाती थी और इसी के खिलाफ डॉक श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने एक देश दो प्रधान दो संविधान नही चलेगा नारे की आवाज को बुलंद करते हुए कश्मीर की पूर्ण आजादी की नीव रखी।
विचार गोष्ठी में धन्यवाद ज्ञापन महामंत्री रंजन फौजी ने किया। गोष्ठी में राजू चतुर्वेदी, स्नेह लता चौधरी, राजेंद्र कुशवाहा, दिलीप सिंह, वसुध तिवारी, संजीव बावला, राजीव पामदत्, सत्यजीत चौधरी, भीम सेन चौहान, प्रवीण सोनू, उमेश प्रसाद, महेंद्र प्रजापति, उमेश चंद पटेल, कैंट मंडल अध्यक्ष सूर्यवंश श्रीवास्तव, मनोज गिरी, संजय शाह, बबलू साव, तोकेश सिंह, गिरिधरी महतो आलोक सिंह, शिवकुमार महतो, अनमोल सिंह, विजय जयसवाल, रोबिन गुप्ता, संजय सिंह, लक्ष्मी देवी, शीतल सिंह, प्रिया करमाली, रीति श्रीवास्तव, विजय ओझा, सैय्यद किरमानी, मनोज कुमार महतो, पंकज कुमार शाह, धनंजय कुमार पुटूस, पंचम चौधरी, श्रवण कुमार, मनोज जायसवाल, मिथिलेश कुमार मंडल, ब्रजेश पाठक, आशीष कुमार सहित कई उपस्थित रहे।