विश्व पर्यावरण दिवस पर पर्यावरण संरक्षण का लें संकल्प: बादल
रांंची: आम लोग अपने दैनिक कार्यों में पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली अपनाते हुए पर्यावरण संरक्षण में अपना योगदान अवश्य दें और लोगों को प्रेरित भी करें। व्यक्तिगत और सामुदायिक स्तर पर छोटे कदमों और उपायों को लागू कर, हमें स्वस्थ पर्यावरण को बढ़ाना है। वर्तमान समय में पर्यावरण संरक्षण काफी जरूरी है। यह बातें सूबे के कृषि मंत्री मंत्री ने विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में कही।
वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद एवं सेन्टर फॉर एनर्जी एवं एनवायरोमेंटल डेवलपमेंट (SEED) के साथ संयुक्त रूप से सोमवार को प्रोजेक्ट भवन में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन बादल पत्रलेख सहित अन्य अधिकारियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलित कर किया गया।
अवसर पर ऊर्जा एवं पर्यावरण संरक्षण एवं जीवन शैली में परिर्वतन लाते हुए पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने तथा मिशन लाइफ के कार्यक्रमों पर बनी शार्ट विडियो फिल्मों का प्रदर्शन भी किया गया।
वहीं कार्यक्रम में पर्यावरण, वन एवं वन्यप्राणियों के संरक्षण में निःस्वार्थ भाव से अपना बहुमूल्य योगदान देने हेतु सत्य प्रकाश (हजारीबाग), मनोज कुमार (हजारीबाग), सुरेन्द्र प्रसाद सिंह (हजारीबाग), जगदीश महतो (बोकारो) को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते मंत्री बादल पत्रलेख ने कहा कि आज के समय में पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता क्यों है, यह सर्वविदित है। परंतु इसे कैसे संरक्षित किया जाय, यह विचारणीय है। झारखंडवासी जीवन शैली में बदलाव लाकर छोटी-छोटी बातों पर ध्यान देते हुए ऊर्जा संरक्षण, जल एवं भू-संरक्षण, प्लास्टिक का बहिष्कार करते हुए पर्यावरण संरक्षण करते हुए अधिक से अधिक संख्या में पेड़-पौधे लगायें।
अवसर पर प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख डॉ. संजय श्रीवास्तव ने झारखण्ड के द्वारा पिछले एक माह से अधिक समय से मिशन लाइफ के तहत् चल रहे कार्यक्रमों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी।
कार्यक्रम में शशिकर सामंत (भारतीय वन सेवा), प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं अध्यक्ष, झारखण्ड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद, सहित विभाग के अन्य पदाधिकारी, कर्मचारी, चैम्बर ऑफ कॉमर्स के सदस्य उपस्थित थे।