रामगढ़: सीसीएल बरका-सयाल प्रक्षेत्र के भुरकुंडा परियोजना में गुरुवार को चार लेबर कोड के विरोध में राष्ट्रव्यापी हड़ताल असरदार रहा। बलकुदरा माइंस से ओबी और कोयले का उत्पादन पूरी तरह से ठप रहा। वहीं सीसीएल की बिजली और पानी की सप्लाई भी सुबह से शाम तक बाधित रही। हाथों में झंडे और तख्तियां थामे हड़ताल समर्थकों ने चार लेबर कोड को मजदूर विरोधी बताया। कहा कि केंद्र सरकार कोयला उद्योग का निजीकरण करना चाह रही है। जिसका संयुक्त मोर्चा पुरजोर विरोध करता है। 

हड़ताल को सफल बनाने में अशोक गुप्ता, विकास कुमार, रमाकांत दूबे, नरेश मंडल, पप्पू सिंह, संजय मिश्रा, लखेद्र राय, संजय वर्मा, मनोज कुमार, अशोक राम, शलेन्द्र सिंह, विकासकांत सिन्हा, अजित कुमार, अनुज कुमार, नौसाद आलम, आशीष गुप्ता, बेलो शर्मा, किशुन नायक, रंजीत कुमार, संतोष कुमार, अलोक पुरखत, जोगेंद्र ठाकुर, अफजल हुसैन, बिरेंद्र कुमार, मंजूर अंसारी, गणेश, बिजय कुमार यादव, संतोष कुमार, जगदीश, मनोज कुमार, सूरज करमाली, बासदेव उरांव, किरण कुमार, सत्यनारायण ठाकुर, संतोष यादव, सुभाष तिवारी, इतवा मुंडा, राजेंद्र मुंडा, संजय नाथ करमाली सहित कई युनियन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल थे।

By Admin

error: Content is protected !!