• छाया रहा छाई डैम, भूमि अधिग्रहण और विस्थापित-प्रभावितों के स्थाई रोजगार का मुद्दा

रामगढ़: पतरातू प्रखंड के लबगा स्थित मां पंचबहिनी हाई स्कूल में जन शिकायत समाधान कार्यक्रम का आयोजन शुक्रवार को अनुमंडल पदाधिकारी रामगढ़ आशीष गंगवार की अध्यक्षता में किया गया। जिसमें अंचलाधिकारी पतरातू अमित भगत, एसडीपीओ पतरातू  बिरेंद्र राम, पतरातू सर्किल इंस्पेक्टर योगेंद्र सिंह, बासल थाना प्रभारी कैलाश कुमार, भुरकुंडा ओपी प्रभारी अभिषेक कुमार, बरकाकाना ओपी प्रभारी अख्तर अली, भदानीनगर ओपी प्रभारी संजय कुमार रजक, प्रशासक शेष परिसंपत्ति पीटीपीएस एसके पांडेय, उप महाप्रबंधक पीवीयूएन (आरएंडआर) राजेश डुंगडुंग उपस्थित रहे। कार्यक्रम में अनुमंडलीय क्षेत्र के ग्रामीण शामिल रहे। वहीं कार्यक्रम शुरू होने से पूर्व कई ग्रामीण छाई डैम के लिए अधिग्रहित की गई भूमि रैयतों को वापस करने मांग करते हुए कार्यक्रम स्थल पहुंचे। हाथों में तख्तियां थामे लोगों ने अधिकारियों के समक्ष जमकर नारेबाजी भी की। इस दौरान अनुमंडल पदाधिकारी आशीष गंगवार ने ग्रामीणों समझाकर शांत कराया और एक-एक कर अपनी शिकायत रखने की बात कही।

कार्यक्रम में सर्वप्रथम विस्थापित प्रभावित संघर्ष मोर्चा अध्यक्ष आदित्य नारायण प्रसाद ने छाई डैम के मुद्दे पर शिकायत रखी। कहा कि छाई डैम के लिए 432 एकड़ जमीन का अधिग्रहण हुआ। वर्षों से यहां के ग्रामीणों की जमीनों का अधिग्रहण होता आ रहा है। अब बची-खुची जमीन का अधिग्रहण होने से ग्रामीणों के पास जीने-खाने तक के लिए कुछ नहीं बचेगा। लोग भूमिहीन होकर पलायन को मजबूर हो जाएंगे। जबकि छाई डैम बनने से हजारों की ग्रामीण आबादी प्रदूषण की चपेट में होगी। कहा कि एनटीपीसी/पीवीयूएनएल के अधिकारी यहां के लोगों को विस्थापित-प्रभावित तक मानने तक से इंकार करते हैं। अधिकारी कुछ सुनते नहीं हैं। कहते हैं कि हमने झारखंड सरकार से जमीन ली है। उन्होंने आगे कहा कि पीवीयूएनएल में पैसे का खेल चल रहा है। बाहर की एजेंसियां काम कर रही हैं और बाहरी लोगों को काम पर रखा जा रहा है। रैयत विस्थापितों और प्रभावितो को रोजगार से वंचित रखा जा रहा है।

वहीं राजाराम प्रसाद, अंकित कुमार, प्रदीप महतो, शिवप्रसाद मुंडा, उमा कुमारी, योगेंद्र यादव, मोतीलाल महतो सहित दर्जनों लोगों ने शिकायतें रखी। कार्यक्रम के दौरान पीवीयूएनएल संबंधित जमीन अधिग्रहण के मामले और कंपनी में रैयतों को पर स्थाई रोजगार की मांग का मुद्दा छाया रहा। अधिकारियों और एजेंसियों पर अनेदखी और अनियमितता के कई आरोप लगाए। कहा गया कि अधिकारी ग्रामीणों की उपेक्षा करते हैं, समस्याएं सुनना नहीं चाहते। मुख्य गेट पर ही रोक दिया जाता है। ऐसे में जनता की शिकायतों के लिए मुख्य गेट पर कंपनी द्वारा व्यवस्था और जवाबदेही तय कराई जानी चाहिए।

जन शिकायतों का समाधान कार्यक्रम का उद्देश्य : आशीष गंगवार

ग्रामीणो की समस्याओं को रामगढ़ अनुंमंडल पदाधिकारी आशीष गंगवार ने गंभीरतापूर्वक सुना और कुछ बिंदुओं पर सार्थक पहल कराने का भरोसा दिलाया। वहीं कई मामलों को केंद्र सरकार और राज्य सरकार के नीतिगत मामले बताते हुए जिला प्रशासन के कार्यक्षेत्र से बाहर का बताया। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त करते हुए कहा कि शिकायतों को नोट किया गया है। हमलोगों के दायरे में जो चीजें होंगी उनका समाधान जरूर कराया जाएगा। कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य जन शिकायतों को सुनना और समाधान कराना है।

संदिग्ध गतिविधियों की सूचना पुलिस को जरूर दें : एसडीपीओ

कार्यक्रम के दौरान झूठे मामलों में ग्रामीणों को फंसाए जाने के मामले भी उठे। क्षेत्र में नशाखोरी और बढ़ती चोरी की घटनाओं की बात भी कही गई। जिसपर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी पतरातू बिरेंद्र राम ने कहा कि पुलिस अनुसंधान और जांच पड़ताल के आधार पर ही कार्रवाई करती है। अबतक छह महीने के कार्य अवधि में मुझ तक झूठे मामले की शिकायत नहीं पहुंची हैं। इसके अलावे संदिग्ध गतिविधियों और नशाखोरी की सूचना पुलिस अधिकारियों के सरकारी नंबर और मुख्यालय के 112 नंबर पर दे सकते हैं। पुलिस आम लोगों की सहायता के लिए पूरी तरह से तत्पर है।

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