रांंची: भाकपा माले के साथ मासस (मार्क्सवादी समन्वय समिति) के विलय को लेकर दोनों संगठनों की केंद्रीय कमेटी के प्रतिनिमंडल ने वार्ता की। दो दिवसीय वार्ता में विलय के प्रस्ताव पर गहन विचार विमर्श किया गया।
दोनों संगठनों द्वारा संयुक्त रूप प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा गया कि क्रांतिकारी कम्युनिस्ट धाराओं के रूप में मासस और भाकपा माले दोनों संगठन एक ही दौर में उभरे हैं। मासस का भाकपा माले के साथ विलय फासीवाद विरोधी आंदोलन को नयी ताकत देगा और कम्युनिस्ट आंदोलन में जरूरी आवेग पैदा करेगा।
कहा गया कि विलय की प्रक्रिया पर अंतिम फैसला जल्द ही मासस की केंद्रीय कमिटी की बैठक और भाकपा माले के पॉलित ब्यूरो की बैठक में लिया जाएगा।
वार्ता में भाकपा माले के राष्ट्रीय महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य, पोलित ब्यूरो सदस्य स्वदेश भट्टाचार्य, कुणाल, जनार्दन प्रसाद, विनोद सिंह, मनोज भक्त, शुभेदु सेन, गीता मंडल और मासस के कार्यकारी अध्यक्ष अरुप चटर्जी, महासचिव हलधर महतो, केंद्रीय सचिव मिथलेश सिंह, केंद्रीय कमिटी सदस्य बबलू महतो, हरि प्रसाद पप्पू, बसंत कुमार, राजेंद्र गोप, निताई महतो, दिलीप तिवारी, सुशांतो, विश्वनाथ, अमल कुमार मिश्रा, टुटुन मुखर्जी, पवन महतो, सारथी मंडल, लालमोहन महतो, कृष्ण प्रसाद महतो, भूषण महतो, राजू महतो, सबुर गोराई, चिंटू विश्वकर्मा, मनोज कु राउत, बादल बाउरी आदि शामिल थे।