कोडरमा: संस्था समर्पण, भारतीय जन उत्थान परिषद एवं आरएमआई के द्वारा ग्राम चनाको में आयोजित दो दिवसीय पोषण शिविर का समापन शनिवार को हुआ।
शिविर के माध्यम से महिलाओं को नवजात शिशुओं एवं बच्चों को कुपोषण मुक्त रखने एवं एनीमिया से बचने के उपायों की जानकारी दी गई। परियोजना उत्प्रेरक आलोक कुमार सिन्हा ने कहा कि बच्चों को कुपोषण से बचाने, नियमित रूप से उन्हें पोषण तत्त्व देने, स्वच्छता एवं सफाई पर ध्यान रखने, प्रत्येक घर में पोषण बगिया लगाने, समय पर बच्चों का टीकाकरण कराने एवं नियमित संतुलित आहार लेने से हम एक नए एवं उन्नत समाज का निर्माण कर सकते हैं।
आंगनबाड़ी सेविका व पोषण सखी ने आंगनबाड़ी से मिलने वाली पोषण सम्बन्धित सभी सुविधाओं के बारे में बताते हुए कहा कि नवजात शिशुओं को स्तनपान कराना बेहद जरूरी है। मां का दूध शिशुओं के लिए सर्वोत्तम पौष्टिक आहार है।
समर्पण के राजेश कुमार ने कहा कि आहार में विविधता एवं पौष्टिकता को बढ़ाने के लिए खिचड़ी, उपमा, दलिया, बारहमासी और मौसमी स्थानीय सब्जियों, फलों आदि का उपयोग जरूरी है।
मौके पर 6 साल तक के बच्चों का कुपोषण की जांच एवं वजन लिया गया। मौके पर स्थानीय साग सब्जियों एवं अन्य उत्पाद सामग्रियों से रंगोली भी सजाई गई। वहीं शिविर में सभी बच्चों के दलिया एवं सूजी का पैकेट उपलब्ध कराया गया।