सामूहिक भागीदारी से होगी देशज संस्कृति की रक्षा : मेघनाथ
रामगढ़: झारखंड जन संस्कृति मंच का दो दिवसीय राज्य सम्मेलन शनिवार को कुजू नया मोड़ स्थित अक्षत बैंक्वेट हॉल में आयोजित किया गया। जिसमें राज्य के विभिन्न जिलों से आए साहित्यकार, लोक कलाकार और बुद्धिजीवियों ने भाग लिया। सम्मेलन का उद्घाटन डॉक्यूमेंट्री फिल्म मेकर मेघनाथ ने किया। उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता पत्रकार जावेद इस्लाम और संचालन मंच के राज्य सचिव कवि बलभद्र ने किया। वहीं स्वागत संबोधन लेखक और गायक सुरेंद्र कुमार बेदिया के द्वारा किया गया। सम्मेलन के आरंभिक सत्र में वक्ताओं ने वर्तमान परिप्रेक्ष्य में संस्कृति पर अपने वक्तव्य दिए। जबकि दूसरे सत्र में झारखंड संस्कृति मंच के कलाकारों ने गीत-संगीत और नृत्य पर आधारित प्रस्तुति दी।
सम्मेलन में फिल्मकार मेघनाथ ने कहा कि आज संस्कृति का प्रश्न महत्वपूर्ण हो गया है। संस्कृति को ही हथियार बनाकर समाज और हमारी देशज संस्कृति को बरबाद किया जा रहा है। इसे उन्होंने डीजे के मुकाबले नगाड़े के रूपक से व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह दौर हमारी अभिव्यक्ति पर संकट का दौर है। आज देश और दुनिया के पैमाने पर कारपोरेट लूट और इसके लिए बर्बर हमले का भी दौर है। संस्कृतिकर्मियों को इस सवाल पर भी सोचना होगा और अपनी भूमिका तय करनी होगी।
सम्मेलन को शिक्षाविद साहित्यकार डॉ. बीएन ओहदार, जनवादी लेखक संघ के राष्ट्रीय परिषद के सदस्य अली इमाम, प्रगतिशील लेखक संघ के राज्य सचिव प्रो. मिथिलेश, इप्टा के पावेल, प्रोफेसर सुशीला ने भी संबोधित किया। वहीं धन्यवाद ज्ञापन कृष्णा गोप ने किया।
