बिहार में महाराष्ट्र के व्यवसायी की हत्या के मामले में चल रहा था फरार
अन्य सहयोगियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी
रामगढ़: पुलिस ने गोला के हेरमदगा में छापेमारी कर किराये के मकान में रह रहे एक शातिर साइबर ठग को गिरफ्तार किया है। अभियुक्त संटू कुमार उर्फ कुंदन (27 वर्ष) पिता राजेंद्र प्रसाद नालंदा (बिहार) का रहनेवाला है। उसपर बैंक का कस्टमर केयर प्रतिनिधि बनकर ग्राहकों को झांसा देकर मोबाइल पर APK file की लिंक भेजकर ठगी करने का आरोप है। अभियुक्त बिहार में हुए पुणे महाराष्ट्र के व्यवसायी की हत्या के मामले में भी फरार चल रहा था।
पुलिस अधीक्षक अजय कुमार ने शनिवार को प्रेस कांफ्रेंस में मामले का खुलासा करते हुए बताया कि प्रतिबिंब एप्प के माध्यम से गूगल मैप में प्लॉट सस्पेक्ट मोबाइल नंबर 8789882057 के साइबर अपराधी होने की जानकारी मिली। जिसपर पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) सह थाना प्रभारी साइबर थाना चंदन वत्स और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी रामगढ़ परमेश्वर प्रसाद के नेतृत्व में विशेष छापेमारी दल का गठन किया। टीम ने तकनीकी शाखा के सहयोग से गोला थाना क्षेत्र के हेरमदगा में डीवीसी के सेवानिवृत्त अभियान कृष्ण कुमार प्रसाद के मकान में किराए पर रह रहे संटू कुमार उर्फ कुंदन को गिरफ्तार किया। जिसके पास से पुलिस ने तीन आई-फोन समेत छह मोबाइल जब्त किया गया। जिसमें फर्जी सिम कार्ड लगा पाया गया। तलाशी के क्रम में एक प्लास्टिक के थैले में 4,43000 रुपये बरामद किए गए। इसके साथ ही आरोपी का बुलेट मोटरसाइकिल भी जब्त किया गया।
पुलिस की पूछताछ में अभियुक्त ने बताया कि बिहार में उसका गिरोह देश भर में अल्युमिनियम, कॉपर और अन्य मैटल के कारोबार करने वाले व्यपारियों को गुगल पर में सर्च कर मोबाईल नंबर प्राप्त कर झांसे में लेता था और डील करने के बहाने बिहार बुलाकर उनका अपहरण कर फिरौती वसूलता था। अभियुक्त ने बताया कि गिरोह ने विभिन्न राज्यों के 12 व्यवसायियों को बिहार बुलाकर उनसे फिरौती के रूप में कुल एक करोड़ 60 लाख रुपये वसूले थे। वहीं 11 अप्रैल 2025 को गिरोह ने पुणे महाराष्ट्र के रत्नदीप कास्टिंग के मालिक लक्ष्मण शिंदे को फर्जी कंपनी मीटिंग के नाम पर बिहार बुलाया और पटना एयरपोर्ट से अगवाकर हिलसा ले गए। जहां लक्ष्मण शिंदे के परिजनों से उनके खाते में 12 लाख रुपये मंगवाए। वहीं शिंदे से एटीएम पिन पूछने पर वे लगातार गलत पिन बताते रहे, जिससे गिरोह के लोगों ने मारपीट कर उनकी हत्या कर दी और शव को जहानाबाद के घोसी थाना क्षेत्र में सड़क किनारे फेंक कर भाग गए। पटना एयरपोर्ट थाना पुलिस ने अनुसंधान करते हुए गिरोह के शिवराज सागी, संगीता कुमारी उर्फ छोटी, विकाश कुमार उर्फ मोहित यादव, कुन्दन कुमार, लाल बिहारी, विपत्र कुमार, सचिन रंजन, सुमित कुमार उर्फ जीतु, संतोष कुमार को जेल भेज दिया। जबकि मामले में फरार चल रहे सन्टु कुमार समेत अन्य सहयोगी रामगढ़ के गोला थाना क्षेत्र के हेरमदगा में रहकर साइबर क्राइम कर रहे थे।
अभियुक्तों पर गोला थाना में प्राथमिकी दर्ज कर उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। जबकि अन्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।
