नई दिल्ली:  कोयला मंत्रालय के सौजन्य से कौशल भवन में आयोजित दो दिवसीय अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन का गुरुवार को समापन हुआ। सम्मेलन की अध्यक्षता कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने की। अवसर पर कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दूबे और राज्य सभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी शामिल रहे। सम्मेलन आठ और नौ अप्रैल को आयोजित किया गया। सम्मेलन में लेखन प्रोत्साहन प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया गया। पर्यावरण पर आधारित नृत्य और नाट्य प्रस्तुति दी गई। साथ ही प्रसिद्ध साहित्यकारों ने काव्य प्रस्तुति के साथ-साथ राजभाषा पर वक्तव्य साझा किए। 

सम्मेलन को संबोधित करते हुए कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर हिंदी में अपनी बात रख वैश्विक पटल पर हिंदी का गौरव बढ़ाया है। मंत्रालय को भी राजभाषा के विकास के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य करना होगा। 

अपने संबोधन में कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दूबे ने कहा कि राजभाषा हिंदी केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक आत्मा, राष्ट्रीय एकता और जन-जन की भावनाओं की सशक्त अभिव्यक्ति है। अपनी मातृभाषाओं और भारतीय भाषाओं से जुड़ाव न केवल हमारी सांस्कृतिक जड़ों को सुदृढ़ करता है, बल्कि आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता को भी बल देता है।

सम्मेलन में राज्य सभा सदस्य सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि हिंदी केवल प्रशासन की भाषा नहीं, बल्कि हमारी साझा पहचान और भाषाई सामंजस्य की एक सशक्त कड़ी है।   प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हिन्दी के साथ 22 भारतीय भाषाओं में संसद में अनुवाद और 12 भारतीय भाषाओं में तकनीकी शिक्षा प्रारम्भ करके भारतीय भाषाओं को नई दिशा प्रदान की है।

मौके पर कोयला मंत्रालय के वरीय अधिकारी, एनएलसी अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक, कोल इंडिया की अनुषंगी कंपनियों के डायरेक्टर (एचआर) सहित कई अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे। 

 

 

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