कोडरमा: सीएसीएल की ओर से कोडरमा के वसुंधरा गार्डन में विभिन्न हितधारकों के साथ बाल मजदूरी के विरुद्ध जिला स्तरीय कंसल्टेशन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सीडब्ल्यूसी के सदस्य सैलेश कुमार, अनिल कुमार सिंह, मनरेगा लोकपाल धरणीधर प्रसाद, बाल सरंक्षण पदाधिकारी अर्चना ज्वाला, बाल मजदूरी विरोधी अभियान के केंद्रीय संयोजक अशोक सिंह झा, टीडीएच के रोहित कुमार, टीडीएच निडरलैंड के प्रतिनिधि मारकंडेय मिश्रा, लीड्स के एके सिंह, समर्पण के इंद्रमणि साहू उपस्थित थे।
मौके पर जिलें के विभिन्न पंचायतों के पंचायत जनप्रतिनिधि, सेविका, सहायिका, शिक्षक आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों के लिए काम कर रहे सभी सरकारी और गैर सरकारी संस्थाएं मिलजुल कर बच्चों का हित को सुनिश्चित कैसे हो उसे पर चर्चा करना था। अतः बच्चों के लिए काम करने वाली संस्थाएं जिसमें लीड्स, समर्पण, हैंड इन हैंड, होली फैमिली, सक्षम , सृजन महिला विकास मंच, सवेरा आदि ने अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया।
मनरेगा लोकपाल धरणीधर प्रसाद ने कहा कि लाखों की संख्या में आज भी बच्चे स्कूल से बाहर हैं। उन्होंने कहा कि जिन गांवों में काम कर रही हैं थोड़ी बेहतर है. उन्होंने समाज शिक्षा प्रणाली लागू करने की बात कही.
सीडब्लूसी के शैलेश कुमार ने कहा की सौंदर्य प्रसाधनों के माध्यम से हम भले ही अपना चेहरे चमका रहे हैं लेकिन, इसमें माइका क्षेत्र के बच्चों की चिखें, कराहें शामिल हैँ, उन्होंने वैकल्पिक व्यवस्था पर जोर दिया।
वहींलीड्स के निदेशक अवध किशोर सिंह ने कहा कि आरटीई मंच और सीएसीएल जैसे मंच के मदद से हम बच्चों सम्पूर्ण शिक्षा एवं उनके विकास के लिए प्रयासरत है। इस तरह के मंच के मदद से बच्चों की सहभागिता और उनके अधिकार को सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहे हैं और देश में नई शिक्षा नीति लागू हो उसके लिए अपने स्तर से सरकार का सहयोग कर रहे हैं।
सभी विभागों एवं संस्थाओं के लोगों ने यह निष्कर्ष निकला कि इस तरह के कार्यक्रम से हम आपस में प्रदर्शित के साथ बच्चों के बेहतर भविष्य को सुनिश्चित कर सकते हैं तथा एक दूसरे का मॉडल को भी हम देखकर सीख सकते हैं जिससे अपने-अपने क्षेत्र में बेहतर कार्य किया जा सकता है।
कार्यक्रम को दामोदर कुमार, होली फैमिली के मुन्ना भाई, बीआरसी मिथिलेश कुमार साहू, मोहम्मद साजिद, संतोष कुमार, तुलसी साव आदि ने भी संबोधित किया.