मुआवजे और स्पीड ब्रेकर के आश्वासन पर जाम हटा
• तेज रफ्तार हाइवा परिचालन से लोगों में नाराजगी
रामगढ़: भुरकुंडा ओपी क्षेत्र के रीवर साइड में बुधवार की शाम सड़क हादसे में स्थानीय नागेश्वर ठाकुर की मौत के बाद आक्रोशित लोगों ने गिद्दी-भुरकुंडा को जाम कर दिया। रात तकरीबन नौ बजे से वाहनों का परिचालन ठप करा दिया गया।
जाम की सूचना पर गुरुवार की सुबह पतरातू अंचलाधिकारी शिवशंकर पांडेय जाम स्थल पहुंचे और स्थानीय लोगों से बातचीत की। मुआवजे और स्पीड ब्रेकर के आश्वासन के बाद लगभग 12 घंटे बाद जाम हटा लिया गया।
वहीं पतरातू अंचलाधिकारी शिवशंकर पांडेय ने बताया कि सरकारी प्रावधान के तहत हिट एंड रन के मामले में दो लाख और अंत्येष्टि के लिए 20 हजार उपलब्ध कराया जाता है। साथ ही मृतक की पत्नी को विधवा पेंशन के लिए स्वीकृति दी जा रही। जल्द ही यह सभी प्रक्रियाएं पूरी कर ली जाएगी। उन्होंने कहा कि हाइवा के तेज परिचालन को लेकर लोग सड़क पर एक-दो जगह स्पीड ब्रेकर की मांग कर रहे हैं। जिसे लेकर सीसीएल बरका-सयाल के जीएम से बात की जाएगी।
काल बनकर सड़कों पर दौड़ रहे हाइवा
सीसीएल बरका-सयाल सहित आसपास के क्षेत्र में बड़ी संख्या में हाइवा का परिचालन हो रहा है। रात के समय तेज रफ्तार से हाइवा क्षेत्र की सड़क पर दौड़ते देखे जा रहे हैं। क्षेत्र की सड़कों पर कई जगह पर्याप्त लाइट की व्यवस्था भी नहीं है। आए दिन आम लोग हादसे का शिकार हो रहे हैं।सीसीएल प्रबंधन से शिकायतों के बावजूद आबादी वाले क्षेत्र में भी इन वाहनों के रफ्तार पर लगाम नहीं लगाया जा सका है।
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बताया जाता है कि कई हाइवा चालक नशे में वाहन चलाते हैं लेकिन प्रशासन इसकी जांच तक नहीं कराती। स्थानीय लोगों के अनुसार हाइवा पर दो नंबर के कोयले के साथ रात में अवैध रूप से बालू ढुलाई की भी होती है। चालक पकड़े जाने के भय से भी आपाधापी में रहते हैं। नियमित जांच और रफ्तार पर अंकुश लगाने की बजाय सड़क दुर्घटनाओं पर सरकारी मुआवजा देकर अधिकारी पल्ला झाड़ लेते हैं और यही सिलसिला चला आ रहा है।