रामगढ़: सीसीएल भुरकुंडा परियोजना के बलकुदरा खुली खदान में शुक्रवार को आउटसोर्सिंग कंपनी के स्थानीय मजदूरों ने कोयले का ट्रांसपोर्टिंग ठप करा दिया। आउटसोर्सिंग कंपनी पीएसएमई के अधीन कार्य कर रही एसएमपीएल के 15 मजदूर सुबह तकरीबन 11 बजे सड़क पर बैठ गए और ट्रांसपोर्टिंग बाधित कर दिया। मजदूर तीन माह से वेतन नहीं मिलने की शिकायत करते हुए अविलंब भुगतान की मांग करने लगे।
मजदूरों ने बताया कि बीते अक्टूबर माह से कंपनी ने वेतन नहीं दिया है। वेतन मांगने पर अधिकारी टाल-मटोल करते आ रहे हैं। बिना वेतन के रोजी-रोटी पर संकट मंडरा रहा है। बीते वर्ष दुर्गा पूजा, दशहरा, दिवाली और अन्य त्योहार भारी अभाव में गुजरे हैं और अब जीविकोपार्जन तक की समस्या खड़ी हो गई है।
वहीं ट्रांसपोर्टिंग ठप होने की जानकारी पर भुरकुंडा परियोजना पदाधिकारी कुमार राकेश सत्यार्थी सहित अन्य अधिकारी पहुंचे। जहां उन्होंने मजदूरों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया। हालांकि मजदूर तीन माह के वेतन का अविलंब भुगतान कराने की मांग पर खड़े रहे। खबर लिखे जाने तक प्रबंधन और स्थानीय मजदूरों में बातचीत जारी रही और ट्रांसपोर्टिंग ठप रहा।
वेतन की मांग करनेवाले मजदूरों में संतोष मुंडा, गणेश बेदिया, नकुल सिंह, संजय नायक, पिंटू मुर्मू, राजकुमार करमाली, रमेश हांसदा, दिनेश मुंडा, बबलू हांसदा, मनीष मुर्मू, रामू मांझी, नरेश ठाकुर, मुकेश मुर्मू, अवधेश हांसदा, श्यामदेव मुंडा शामिल हैं।
