| रक्षाबंधन पर भंग हुई शांति व्यवस्था, जवाबदेही किसकी ? |
• भुरकुंडा ओपी पहुंचा मामला, सलटाने की मशक्कत शुरू
भुरकुंडा (रामगढ़): भुरकुंडा थाना मैदान में लगे श्रावणी मेले में शुक्रवार की रात मारपीट हुई है। जिसमें एक युवक घायल हुआ है। मामला शनिवार को भुरकुंडा ओपी भी पहुंचा और क्षेत्र में दिनभर चर्चा का विषय बना रहा। वहीं मारपीट से संबंधित वीडियो भी वायरल हुआ है। जो मेले में शांति और सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल रहा है। विडंबना यह है कि वायरल वीडियो में मेला घूमते लोग बीच-बचाव करते दिख रहे हैं। जबकि कथित मेला कमेटी का न कोई पदाधिकारी दिख रहा और न ही कोई पुलिस कर्मी।
मिली जानकारी के अनुसार रक्षाबंधन पर शुक्रवार की रात तकरीबन 08:30 बजे मेले में भुरकुंडा हॉस्पिटल कॉलोनी निवासी सचेत गोस्वामी की न्यू सरदार कॉलोनी के कुछ युवकों से नोंक-झोंक हुई। जिसपर युवकों ने उसके साथ मार-पीट शुरू कर दी। मेला देखने पहुंचे अन्य लोगों ने युवकों को अलग-थलग कर मामला शांत कराया। बताया जाता है कि मार-पीट में सचेत गोस्वामी का सिर में चोट लगी है।
वहीं घटना के दूसरे दिन शनिवार की सुबह घायल युवक सचेत गोस्वामी और उसके परिजन भुरकुंडा ओपी पहुंचे। सचेत गोस्वामी ने ओपी में आवेदन देकर कानूनी कार्रवाई की गुहार लगाई। इसकी सूचना मिलते ही दूसरे पक्ष के युवक और उनके परिजन भी भुरकुंडा ओपी पहुंचे। यहां काफी देर तक गहमागहमी की स्थिति बनी रही। फिलहाल “समन्वय” बनाने की मशक्कत जारी है।
बीते वर्ष भी मारपीट में सात हुए थे घायल
रक्षाबंधन पर मेले में उमड़ने वाली संभावित भीड़ के मद्देनजर सुरक्षा और शांति व्यवस्था को लेकर की गई तैयारियों पर बड़ा प्रश्न खड़ा हो गया है। विवादों और शिकायतों की अनदेखी कर मेला लगाने की स्वीकृति देनेवाले प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यशैली पर चर्चा ज्यादा हो रही है। बीते वर्ष भी 9 अगस्त को मेले में युवकों के दो गुट में मारपीट हुई थी। जिसमें सात घायल हुए थे। इससे पूर्व मेला में काम करनेवाले दो युवकों से भी बेवजह मारपीट की गई थी। एकबारगी कथित कमेटी के लोग ही आय-व्यय को लेकर आपस में ही मारपीट पर उतारू हो गए थे। हालांकि बंदरबांट और अनियमितता के आरोपों की तरह भुरकुंडा श्रावणी मेला में मारपीट भी अब आम बात हो चली है। अधिकारियों की तर्ज पर पब्लिक ने भी इसे गंभीरता से लेना छोड़ दिया है।
भगवान भरोसे लगता है मेला, नहीं सुनते अधिकारी: अजय पासवान
मारपीट की घटना पर भुरकुंडा पंचायत के मुखिया अजय पासवान ने कहा कि यहां मेला भगवान भरोसे चलता है। विधि-व्यवस्था की सरासर अनदेखी की जाती है। सुरक्षा से संबंधित किसी प्रकार की नीति-नियमों का अनुपालन नहीं होता है। पूर्व से कमेटी के कुछ लोगों द्वारा बरती जा रही अनियमितताओं पर वरीय प्रशासनिक अधिकारियों को पत्र सौंप शिकायत भी की गई थी। बावजूद इसके उन्होंने इसे गंभीरता से नहीं लिया और अनैतिकता पर भी समन्वय बनाने की बात कहते रहे।
