4 अक्टूबर को मोरहाबादी में होगी आदिवासी महासभा
रांची: आदिवासी धर्म कोड और प्रस्तावित परिसीमन को लेकर आदिवासी छात्र संघ ने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन तेज करने की घोषणा की है। रांची के करमटोली स्थित प्रेस क्लब में आदिवासी छात्र संघ के तत्वावधान में प्रेस कांफ्रेंस आयोजित की गई। जिसमें केंद्रीय संयोजक सह प्रवक्ता डॉ. सुशील कुमार, समेत आदिवासी छात्र संघ के पदाधिकारी मौजूद रहे।
संघ की ओर से जारी बयान में कहा गया कि आदिवासी समाज लंबे समय से अलग आदिवासी धर्म कोड की मांग कर रहा है। संगठन का कहना है कि अलग धर्म कोड नहीं होने के कारण जनगणना में आदिवासी समुदाय की अलग पहचान दर्ज करने में परेशानी होती है। इसका असर भविष्य में जनसंख्या के आंकड़ों के आधार पर होने वाली नीतियों और परिसीमन पर पड़ सकता है।
इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि धर्म कोड और परिसीमन के मुद्दे आपस में जुड़े हुए हैं। कहा कि यदि जनगणना में आदिवासी समाज की अलग धार्मिक पहचान दर्ज नहीं की गई और बाद में जनसंख्या को परिसीमन का आधार बनाया गया, तो आदिवासी बहुल क्षेत्रों के राजनीतिक प्रतिनिधित्व पर असर पड़ सकता है।
कहा गया कि देश में पहले आदिवासी समुदायों की अलग पहचान के साथ जनसंख्या दर्ज किए जाने का प्रावधान रहा है। संगठन के अनुसार, स्वतंत्रता के बाद आदिवासी धर्म कोड की मांग लगातार उठती रही है, लेकिन अब तक इस दिशा में ठोस पहल नहीं हुई है।
वहीं आदिवासी छात्र संघ ने धर्म कोड लागू करने और परिसीमन में आदिवासी हितों की रक्षा की मांग को लेकर आगामी 4 अक्टूबर को रांची के मोरहाबादी मैदान में महासभा आयोजित करने की घोषणा की है। संगठन के अनुसार, महासभा में बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोगों को जुटाने की तैयारी है।
