रांची: अल्बर्ट एक्का चौक पर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के खिलाफ ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) ने विरोध प्रदर्शन किया। संगठन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को निशाने पर लेते हुए उनका पुतला दहन किया और इस्तीफे की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि मतदाता सूची में गड़बड़ी की आशंका को दूर किए बिना पुनरीक्षण की प्रक्रिया आगे बढ़ाना नागरिकों के मतदान के अधिकार के लिए गंभीर सवाल खड़े करता है।

आइसा कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि एसआईआर के दौरान पात्र मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जाने का खतरा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में मतदाता सूची केवल प्रशासनिक दस्तावेज नहीं, बल्कि नागरिकों के मताधिकार का आधार है। इसलिए इसकी तैयारी में पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी है। संगठन ने मांग की कि किसी भी योग्य मतदाता को सूची से बाहर होने से बचाने के लिए प्रभावी व्यवस्था की जाए।

प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी भी की गई। कार्यकर्ताओं ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर एसआईआर के विरोध में हुए आंदोलन का हवाला देते हुए प्रदर्शनकारियों की हिरासत पर आपत्ति जताई। उनका कहना था कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में असहमति दर्ज कराने और शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने के अधिकार का सम्मान किया जाना चाहिए।

आइसा ने चुनाव आयोग से एसआईआर को लेकर उठ रही आशंकाओं पर स्पष्ट जवाब देने और मतदाता सूची की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए कहा कि मताधिकार की सुरक्षा और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करना चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है।