रांची: झारखंड में महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ यौन हिंसा, उत्पीड़न और हत्या की घटनाओं को लेकर भाकपा माले के प्रदेश कार्यालय में संवाददाता सम्मेलन आयोजित किया गया। ऐपवा और झारखंड जनाधिकार महासभा की प्रतिनिधियों ने कोडरमा, लातेहार और दुमका की घटनाओं का हवाला देते हुए सरकार और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, पीड़िताओं की सुरक्षा और मामलों की निष्पक्ष जांच की मांग की। साथ ही मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।

संवाददाता सम्मेलन में कोडरमा के सिविल सर्जन पर शोषण और प्रताड़ना का आरोप लगाने वाली एक एएनएम ने भी अपनी बात रखी। उन्होंने आरोप लगाया कि काम के दौरान सिविल सर्जन ने कई बार उनके साथ गलत हरकत की। एएनएम ने संबंधित अधिकारी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की।

ऐपवा की प्रदेश प्रमुख नंदिता भट्टाचार्य ने लातेहार में आदिवासी महिला के साथ कथित पुलिसिया दुर्व्यवहार और दुमका के काठीकुंड में बच्ची से दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले में कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने कोडरमा के सिविल सर्जन के निलंबन और उनके खिलाफ लगे अन्य आरोपों की जांच की भी मांग की।

झारखंड जनाधिकार महासभा की सदस्य अपूर्वा ने तीनों मामलों में सख्त कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक करने, स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने और राज्य में महिला आयोग का गठन करने की मांग की। संवाददाता सम्मेलन में सामाजिक कार्यकर्ता संजना और अनिता भी मौजूद थीं।

