भुरकुंडा (रामगढ़): सूबे के पूर्व कृषि मंत्री सह कांग्रेसी नेता योगेंद्र साव को तीन साल के लिए पार्टी से निष्कासित किए जाने पर कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी है। पार्टी आलाकमान द्वारा लिए गए फैसले का विरोध शुरू हो गया है। भुरकुंडा के मतकमा चौक पर शुक्रवार को पतरातू प्रखंड कांग्रेस अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के नेता बारीक अंसारी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने विरोध जताते हुए फैसला अविलंब वापस लेने की मांग की। 

कार्यकर्ताओं ने कहा कि योगेंद्र साहू को तीन साल के लिए निष्कासित करने का निर्णय न्यायोचित नहीं है। कहा कि बड़कागांव विधानसभा क्षेत्र सहित झारखंड में कांग्रेस को मजबूत बनाने में योगेंद्र साव का अहम योगदान रहा है। उनके नेतृत्व और जनाधार के दम पर कांग्रेस ने तीन बार बड़कागांव विधानसभा सीट पर जीत हासिल की है। कार्यकर्ताओं ने निष्कासन के फैसले को वापस लेने की अपील की।

मौके पर जयंत तुरी, फिरदौस आलम, राम शरण गिरी, रामेश्वर बेदिया, प्रेम मुंडा, सोनू अंसारी, प्रकाश राम, भंडरू मुंडा, तबरेज राय, लखेंद्र, सजाद अंसारी, यूसुफ अंसारी, मनोज महली सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे।