लोकल सेल डिपो से उड़ते धूल-गर्द की चपेट में भुरकुंडा पंचायत भवन

प्रदूषण से बचाव के विकल्प पर पहल की जरूरत

रामगढ़: भुरकुंडा पंचायत भवन इन दिनों प्रदूषण के बीच घिरता दिख रहा है। प्रांगण में बने सार्वजनिक ओपन जिम की उपयोगिता भी खत्म होने की कगार पर है। पंचायत भवन के ठीक बगल में वर्षों से बंद लोकल सेल डीपो के पुनः चालू होने के बाद पंचायत भवन और आसपास का क्षेत्र धूल-गर्द की चपेट में हैं। प्रदूषण से बचाव को लेकर फिलहाल कोई पहल धरातल पर नहीं दिख रही है।

स्थिति यह है कि लोकल सेल डीपो और पंचायत भवन के बीच महज सात-आठ फीट की दिवार का ही अंतर है। डीपो में सीसीएल के बलकुदरा माइंस से उत्पादित कोयले को डंप किया जा रहा। बताया जाता है कि नियमित साफ- सफाई के बावजूद अब पंचायत भवन के फर्श सहित अन्य सामान पर धूल-गर्द की तह सी जम जाती है। वहीं प्रांगण में बनाया गया ओपन जिम भी प्रदूषण की भेंट चढ़ता दिख रहा है। कसरत के उपकरणों के साथ प्रदूषित हवा मुफ्त बंट रही है। जिससे स्वास्थ्य बेहतर होने की बजाय और बिगड़ जाने के आसार दिख रहे हैं। अमूमन सुबह और शाम बच्चे और युवा यहां उपकरणों पर कसरत करते और खुली हवा का आनंद लेते दिखते थे।  इन दिनों बढ़ते धूल-गर्द से ओपन जिम की उपयोगिता खत्म होती प्रतीत हो रही है। योजना पर खर्च हुई राशी व्यर्थ होती दिख रही है।

यह स्थिति तब है जब लोकल सेल का काम शुरुआती चरण में है। लोकल से का संचालन मुकम्मल तौर से शुरू होने पर प्रदूषण काफी बढ़ जाएगा। ऐसे में पंचायत भवन के दैनिक काम-काज सहित बैठक और प्रशिक्षण सहित कई कार्य प्रभावित हो सकते हैं। बताया जाता है कि लोकल सेल डीपो काफी पहले बंद हो चुका था। पास की खाली जगह को चयनित कर यहां पंचायत भवन का निर्माण कराया गया। इधर, पुरानी जगह पर ही लोकल सेल डिपो का संचालन होने पर प्रदूषण से पंचायत भवन और आसपास का क्षेत्र प्रभावित होता दिख रहा है।

उंचे शेड के लिए पीओ को दिया है ज्ञापन : मुखिया

मामले में पूछे जाने पर भुरकुंडा पंचायत के मुखिया अजय पासवान ने बताया कि लोकल सेल डीपो और पंचायत भवन के इर्द-गिर्द उंचे ग्रीन शेड लगाने और रास्ते पर नियमित रूप से पानी छिड़काव को लेकर सीसीएल के भुरकुंडा परियोजना पदाधिकारी को ज्ञापन दिया गया है। जिससे पंचायत भवन  धूल-गर्द से प्रभावित न हो। 

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