भाजपा ने हेमंत सरकार के चार साल के खिलाफ जारी किया आरोप पत्र

देश में हो रही झारखंड के भ्रष्टाचार की चर्चा : बाबूलाल मरांडी

रांची: मुख्यमंत्री घूम-घूमकर जो झारखंड के पिछले 23 वर्षो की सरकार की बात कहते रहते हैं, उसमें 13 वर्ष ही भाजपा की सरकार रही। लगभग 10 वर्षों तक यूपीए गठबंधन ने ही शासन किया और राष्ट्रपति शासन भी उनके ही कार्यकाल में लगा। भाजपा के तीन मुख्यमंत्री रहे, उनके कार्यकाल में क्या कार्य हुए यह जनता से छिपा नहीं है और यूपीए सरकार के कालखंड में क्या हुआ और अब क्या-क्या हो रहा है यह भी किसी से छिपा नहीं है। यह बातें भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सह पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने गुरूवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में कही। अवसर पर बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार के चार साल की नाकामियों पर भाजपा के आरोप पत्र का विमोचन किया गया।

अवसर पर प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि – आज पूरे देश में सिर्फ झारखंड के भ्रष्टाचार की हो रही है। चार साल में राज्य की वर्तमान सरकार ने सिर्फ अवैध काम ही किए हैं। बालू घाटो की निलामी नहीं हुई, लेकिन नदियों से बालू का उठाव कर लिया गया। यहां का बालू बिहार-यूपी तक गया और इनलोगों ने पैसा बनाया। कोयला और पत्थर का भी जमकर अवैध उत्खनन किया गया। यह सब छिपा हुआ नहीं है। ब्लॉक, अंचल और थाना स्तर पर भ्रष्टाचार चरम पर है। बिना पैसे दिए कहीं कोई काम नहीं हो रहा है। राज्य के मुख्यमंत्री खुद भ्रष्टाचारियों को बचाने के लिए सुप्रीम कोर्ट की दौड़ लगा रहे हैं और  महंगे-महंगे वकील कर रहे हैं। 

बाबूलाल ने कहा कि ईडी ने मुख्यमंत्री को नोटिस देकर कई भ्रष्ट अधिकारियों पर एफआईआर करने के लिए कहा। लेकिन सारे नोटिस मुख्यमंत्री की अलमारी में पड़े हुए हैं।  दूसरी ओर ईडी ने मुख्यमंत्री को भी छह नोटिस दिया, लेकिन मुख्यमंत्री पूछताछ के हाजिर नहीं हो रहे हैं। एक ओर वे कहते हैं कि- हम डरते नहीं हैं। दूसरी पूछताछ के डर से भागते-फिर रहे हैं। उन्होंने कहा कि – अगर मुख्यमंत्री गड़बड़ नहीं किए होते तो सीना तानकर ईडी के पास चले जाते। जब राज्य का मुख्यमंत्री ही भ्रष्टचार करे और भ्रष्ट अधिकारियों को बचाने में लगा रहे तो भ्रष्टाचार कैसे समाप्त होगा।

वहीं बाबूलाल मरांडी ने कहा कि – राज्य में कानून व्यवस्था बिगड़ी हुई है। लोग कहीं भी सुरक्षित नहीं है। चोरी, डकैती, हत्या आम बात हो गई है। धनबाद में छोटे-छोटे उद्यमियों को भी रंगदारी की धमकी के मैसेज मिलने लगे हैं। रघुदास के शासन काल में लगता था कि नक्सली घटनाएं पूरी तरह से थम गई है। लेकिन इधर हेमंत सरकार फिर नक्सली घटनाएं हो रही हैं। राज्य में गरीबों के धर्मांतरण का बड़ा खेल चल रहा है। उन्होंने कहा कि केंंद्र सरकारी को योजनाओं को लेकर राज्य सरकार पूरी तरह से उदासीन है। राज्य सरकार अपनी वैसी योजना पर ही ध्यान दे रही है, जिसपर कमीशन बंध रहा है।

मौके पर प्रदेश संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह, प्रदेश प्रवक्ता, कुणाल षाड़ंगी, अरूण उरांव, मीडिया प्रभारी योगेंद्र सिंह, शिवपूजन पाठक, सुनीता सिंह सहित अन्य मौजूद रहे।

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