झारखंड-छत्तीसगढ़ सीमा पर बूढ़ा पहाड़ हुआ उग्रवाद मुक्त

डीजीपी पहुंचे बूढ़ा पहाड़, जवानों का बढ़ाया हौसला

रांची  : लगभग तीन दशकों से नक्सलियों के कब्जे में रहा झारखंड-छत्तीसगढ़ स्थित बूढ़ा पहाड़ को उग्रवाद से मुक्ति मिल गई है। रविवार को झारखंड के डीजीपी नीरज सिन्हा सहित बूढ़ा पहाड़ पहुंचे और पुलिस बल और सीआरपीएफ के जवानों का हौसला बढ़ाया।डीजीपी ने सुरक्षा बलों के कैंप का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं भी सुनी। ग्रामीणों को पुलिस अधिकारियों ने सुरक्षा का भरोसा दिलाते हुए नक्सलियों के भय से मुक्त होकर जीवनयापन करने की बात कही। इलाके में बुनियादी सुविधाओं पर भी चर्चा की गई।

बताते चले कि बूढ़ा पहाड़ पर सुरक्षा बलों के सर्च अभियान के दौरान 2018 में नक्सलियों ने आईडी ब्लास्ट किया था। जिसमें छह जवान शहीद हुए थे। इधर झारखंड पुलिस ने पिछले एक वर्ष से बूढ़ा पहाड़ को नक्सलियों से मुक्त कराने का सुनियोजित अभियान शुरू किया। बूढ़ा पहाड़ पर पुलिस कैंप तैयार किया गया है। उग्रवाद के विरुद्ध यह पुलिस की बड़ी सफलता मानी जा रही है।

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