चंदनकियारी के परीक्षित महतो को राष्ट्रपति ने दिया संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार
रांंची: छऊ कलाकार परीक्षित महतो को आज राष्ट्रपति के द्वारा संगीत नाटक अकादमी अवार्ड दिया गया, जो न सिर्फ सभी छऊ कलाकारों के लिए बल्कि पूरे चंदनक्यारी और राज्यवासियों के लिए गर्व की बात है। उक्त बातें नेता प्रतिपक्ष सह चंदनकियारी विधायक अमर कुमार बाउरी ने परीक्षित महतो को सम्मानित किए जाने के बाद खुशी जाहिर करते हुए कही।
उन्होंने कहा कि चंदनकियारी को सम्मान देने के लिए भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री को आभार है। उन्होंने कहा कि चंदनकियारी में शुरू किये गए राष्ट्रीय छऊ नृत्य प्रशिक्षण एवं अनुसंधान केंद्र से आज हमारी कला संस्कृति को नया मुकाम मिल रहा। यहां आए दिन छऊ नृत्य एवं अन्य कलाओं का प्रशिक्षण आयोजित किया जाता है। इस केंद्र में न सिर्फ झारखंड बल्कि पूरे देश के युवा अपनी कला संस्कृति को जानने और सीखने आते है। कहा कि यह मंगल यात्रा रूकने वाली नहीं है। चंदनकियारी को झारखंड का सांस्कृतिक विरासत का केन्द्र बनायेगे।
ज्ञात हो कि चंदनकियारी के राष्ट्रीय छऊ नृत्य प्रशिक्षण एवं अनुसंधान केंद्र पहली बार अमर कुमार बाउरी के प्रयास से ही संभव हो पाया। देशभर के बड़े बड़े कलाकारो, अभिनय से जुडे लोगो ने चंदनकियारी के गांवों का दौरा किया और हाशिए पर आ चुके छऊ कलाकारो की सुध ली। छऊ के अनेक साधक चंदनकियारी के गांवो मे निवास करते है। छऊ केन्द्र के खुलने से गांवो के कलाकार को राष्ट्रीय पहचान मिली। छऊ के सैकड़ो कलाकारो को देश के कई भागो मे जाने का अवसर भी प्राप्त हो रहा है।
बताते चलें कि छऊ की तीन प्रमुख शैलियो मे मयूरभंज, सरायकेला और मानभूम की शैली है। तीनो शैलियो के लिए समय समय पर कार्यशाला और कार्यक्रम का आयोजन चंदनकियारी छऊ केंद्र में होता है। इस तरह के प्रयास से चंदनकियारी के छऊ कलाकारो को बल मिला, इससे नई पीढी भी प्रेरणा पाकर अपनी विरासत को बचाने का प्रयास कर रही है।
संगीत नाटक अकादमी अवार्ड से सम्मानित छऊ कलाकार परीक्षित महतो, चंदनकियारी के खेड़ाबेड़ा गांव के रहने वाले हैं। इन्होने छऊ की शिक्षा गुरू स्व धनंजय महतो से प्राप्त किया। अवसर पर अमर कुमार बाउरी ने सभी चयन सदस्यो, अकादमी के चेयरमैन, अकादमी के सचिव, भारत सरकार संस्कृति विभाग के संयुक्त सचिव एवं निदेशक सहित भारत सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया है।
